
श्री राम जी की आरती
Shri Ram Aarti
आरती श्री रामचन्द्र जी की। कीजै आरती श्री रामचन्द्र जी की॥ मर्यादा पुरुषोत्तम राम प्रभु, नर नारायण रूप धरि लीला की॥ पितु वचन पालन हेतु वन गमन। सीता सहित लखन संग चले श्री रघुवीर जी॥ रावण मर्दन करि प्रभु आए। लंका दहन करि विजय पाए॥ सिंहासन पर विराजे श्री राम। अयोध्या के राजा रघुकुल धाम॥ कोटि कोटि देवता गावत गाथा। जय रघुनन्दन जय जगनाथा॥ तुलसीदास प्रभु की आरती गावे। हरषित मन सब संकट नशावे॥ आरती श्री रामचन्द्र जी की। कीजै आरती श्री रामचन्द्र जी की॥
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