🗓️ आज का पंचांग

    Today's Tithi & Panchang — 7 अक्टूबर 2026

    आज तिथि, नक्षत्र, योग व करण में परिवर्तन होने पर दोनों का समय यहाँ दिखाया गया है।

    📍 राज्य चुनें:

    🌙 तिथि

    कृष्ण द्वादशीतक 11:17 pm
    कृष्ण त्रयोदशीसे 11:17 pm

    ⭐ नक्षत्र

    रेवतीपूरे दिन

    🔆 योग

    ध्रुवतक 4:00 pm
    व्याघातसे 4:00 pm

    ✨ करण

    कौलवतक 11:54 am
    तैतिल11:54 am – 11:17 pm
    गरसे 11:17 pm

    पक्ष

    कृष्ण पक्ष

    मास

    आश्विन

    ऋतु

    शरद ऋतु

    अयन

    दक्षिणायन

    विक्रम संवत्

    2083

    शक संवत्

    1948

    दिशा शूल

    उत्तर

    ☀️ सूर्य व चंद्र

    सूर्योदय

    6:17 am

    सूर्यास्त

    6:00 pm

    चंद्रोदय

    3:49 am

    चंद्रास्त

    4:01 pm

    🕉️ मुहूर्त व अशुभ काल

    राहुकाल

    12:08 pm – 1:36 pm

    ⏳ 4 घं 38 मि में शुरू

    यमगण्ड

    7:45 am – 9:13 am

    ⏳ 15 मि में शुरू

    गुलिक काल

    10:40 am – 12:08 pm

    ⏳ 3 घं 11 मि में शुरू

    अभिजित मुहूर्त

    11:45 am – 12:32 pm

    ⏳ 4 घं 15 मि में शुरू

    ब्रह्म मुहूर्त

    4:41 am – 5:29 am

    समाप्त

    समय दिल्ली (28.61°N, 77.21°E) के लिए दर्शाए गए हैं।

    आज का चौघड़िया

    यात्रा एवं नए कार्य के लिए शुभ-अशुभ समय

    लाभ

    6:17 am – 7:45 am

    अमृत

    7:45 am – 9:13 am

    काल

    9:13 am – 10:40 am

    शुभ

    10:40 am – 12:08 pm

    रोग

    12:08 pm – 1:36 pm

    उद्वेग

    1:36 pm – 3:04 pm

    चल

    3:04 pm – 4:32 pm

    लाभ

    4:32 pm – 6:00 pm

    अमृत — सर्वोत्तम शुभ/लाभ — शुभ चल — सामान्य उद्वेग/काल/रोग — अशुभ

    महीने की तिथि कैलेंडर

    अक्टूबर 2026आश्विन – कार्तिक

    रवि
    सोम
    मंगल
    बुध
    गुरु
    शुक्र
    शनि
    1
    ति5
    2
    ति6
    3
    ति7
    4
    ति8
    5
    ति10
    6
    ति11
    7
    ति12
    8
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    9
    ति14
    10
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    11
    ति1
    12
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    15
    ति5
    16
    ति6
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    ति6
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    ति7
    19
    ति8
    20
    ति9
    21
    ति10
    22
    ति11
    23
    ति12
    24
    ति13
    25
    ति14
    26
    ति15
    27
    ति1
    28
    ति3
    29
    ति4
    30
    ति5
    31
    ति6
    शुक्ल पक्ष
    कृष्ण पक्ष

    सम्पूर्ण तिथि सूची

    1. प्रतिपदा (Pratipada)
    2. द्वितीया (Dwitiya)
    3. तृतीया (Tritiya)
    4. चतुर्थी (Chaturthi)
    5. पंचमी (Panchami)
    6. षष्ठी (Shashthi)
    7. सप्तमी (Saptami)
    8. अष्टमी (Ashtami)
    9. नवमी (Navami)
    10. दशमी (Dashami)
    11. एकादशी (Ekadashi)
    12. द्वादशी (Dwadashi)← आज
    13. त्रयोदशी (Trayodashi)
    14. चतुर्दशी (Chaturdashi)
    15. पूर्णिमा (Purnima)
    16. अमावस्या (Amavasya)

    पंचांग सम्बंधित प्रश्न (FAQ)

    एक तिथि की अवधि लगभग 19 से 26 घंटे होती है, जबकि सौर दिन 24 घंटे का होता है। इसलिए अक्सर एक तिथि दिन के बीच में समाप्त होकर अगली तिथि शुरू हो जाती है — इसे 'वृद्धि तिथि' कहा जाता है। कभी-कभी एक छोटी तिथि पूरी तरह किसी सूर्योदय को स्पर्श ही नहीं करती, जिसे 'क्षय तिथि' कहते हैं। ऊपर दिखाया गया समय बताता है कि आज कौन सी तिथि कब तक है।

    चौघड़िया दिन और रात को 8-8 बराबर भागों में बाँटती है — अमृत, शुभ और लाभ शुभ मानी जाती हैं (यात्रा, नया काम शुरू करने के लिए अच्छी), जबकि उद्वेग, काल और रोग अशुभ मानी जाती हैं। चल को सामान्य माना जाता है। किसी महत्वपूर्ण कार्य से पहले शुभ चौघड़िया देख लेना पारंपरिक रूप से लाभकारी माना जाता है।

    आज कृष्ण पक्ष की द्वादशी है। नक्षत्र रेवती, योग ध्रुव, और करण कौलव है।

    पंचांग हिंदू पंचांग प्रणाली है जिसमें पाँच अंग होते हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र (चंद्र मंज़िल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), और करण (तिथि का आधा भाग)।

    राहुकाल हर दिन लगभग 90 मिनट की एक अवधि है, जिसे नया या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने के लिए पारंपरिक रूप से अशुभ माना जाता है। इसका समय सूर्योदय, सूर्यास्त और सप्ताह के दिन पर निर्भर करता है।

    विक्रम संवत् उत्तर भारत में सबसे अधिक प्रचलित हिंदू पंचांग वर्ष है, जो ग्रेगोरियन वर्ष से लगभग 57 वर्ष आगे है। शक संवत् भारत का आधिकारिक राष्ट्रीय पंचांग वर्ष है, जो ग्रेगोरियन वर्ष से लगभग 78 वर्ष पीछे है।