🗓️ आज का पंचांग
Today's Tithi & Panchang — 20 अगस्त 2026
आज तिथि, नक्षत्र, योग व करण में परिवर्तन होने पर दोनों का समय यहाँ दिखाया गया है।
🌙 तिथि
⭐ नक्षत्र
🔆 योग
✨ करण
पक्ष
शुक्ल पक्ष
मास
भाद्रपद
ऋतु
वर्षा ऋतु
अयन
दक्षिणायन
विक्रम संवत्
2083
शक संवत्
1948
दिशा शूल
दक्षिण
☀️ सूर्य व चंद्र
सूर्योदय
5:53 am
सूर्यास्त
6:55 pm
चंद्रोदय
1:11 pm
चंद्रास्त
11:28 pm
🕉️ मुहूर्त व अशुभ काल
राहुकाल
2:02 pm – 3:40 pm
समाप्तयमगण्ड
5:53 am – 7:30 am
समाप्तगुलिक काल
9:08 am – 10:46 am
समाप्तअभिजित मुहूर्त
11:58 am – 12:50 pm
समाप्तब्रह्म मुहूर्त
4:17 am – 5:05 am
समाप्तसमय दिल्ली (28.61°N, 77.21°E) के लिए दर्शाए गए हैं।
आज का चौघड़िया
यात्रा एवं नए कार्य के लिए शुभ-अशुभ समय
शुभ
5:53 am – 7:30 am
रोग
7:30 am – 9:08 am
उद्वेग
9:08 am – 10:46 am
चल
10:46 am – 12:24 pm
लाभ
12:24 pm – 2:02 pm
अमृत
2:02 pm – 3:40 pm
काल
3:40 pm – 5:17 pm
शुभ
5:17 pm – 6:55 pm
अमृत
6:55 pm – 8:18 pm
काल
8:18 pm – 9:40 pm
शुभ
9:40 pm – 11:02 pm
रोग
11:02 pm – 12:24 am
उद्वेग
12:24 am – 1:46 am
चल
1:46 am – 3:09 am
लाभ
3:09 am – 4:31 am
अमृत
4:31 am – 5:53 am
महीने की तिथि कैलेंडर
अगस्त 2026
सम्पूर्ण तिथि सूची
पंचांग सम्बंधित प्रश्न (FAQ)
एक तिथि की अवधि लगभग 19 से 26 घंटे होती है, जबकि सौर दिन 24 घंटे का होता है। इसलिए अक्सर एक तिथि दिन के बीच में समाप्त होकर अगली तिथि शुरू हो जाती है — इसे 'वृद्धि तिथि' कहा जाता है। कभी-कभी एक छोटी तिथि पूरी तरह किसी सूर्योदय को स्पर्श ही नहीं करती, जिसे 'क्षय तिथि' कहते हैं। ऊपर दिखाया गया समय बताता है कि आज कौन सी तिथि कब तक है।
चौघड़िया दिन और रात को 8-8 बराबर भागों में बाँटती है — अमृत, शुभ और लाभ शुभ मानी जाती हैं (यात्रा, नया काम शुरू करने के लिए अच्छी), जबकि उद्वेग, काल और रोग अशुभ मानी जाती हैं। चल को सामान्य माना जाता है। किसी महत्वपूर्ण कार्य से पहले शुभ चौघड़िया देख लेना पारंपरिक रूप से लाभकारी माना जाता है।
आज शुक्ल पक्ष की अष्टमी है। नक्षत्र धनिष्ठा, योग शोभन, और करण विष्टि (भद्रा) है।
पंचांग हिंदू पंचांग प्रणाली है जिसमें पाँच अंग होते हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र (चंद्र मंज़िल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), और करण (तिथि का आधा भाग)।
राहुकाल हर दिन लगभग 90 मिनट की एक अवधि है, जिसे नया या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने के लिए पारंपरिक रूप से अशुभ माना जाता है। इसका समय सूर्योदय, सूर्यास्त और सप्ताह के दिन पर निर्भर करता है।
विक्रम संवत् उत्तर भारत में सबसे अधिक प्रचलित हिंदू पंचांग वर्ष है, जो ग्रेगोरियन वर्ष से लगभग 57 वर्ष आगे है। शक संवत् भारत का आधिकारिक राष्ट्रीय पंचांग वर्ष है, जो ग्रेगोरियन वर्ष से लगभग 78 वर्ष पीछे है।