🌌 मुफ़्त जन्म कुंडली

    अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान से कुंडली बनाएं

    कुंडली क्या है?

    जन्म कुंडली (Janam Kundli) आपके जन्म के ठीक समय पर सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की आकाश में स्थिति का नक्शा है। वैदिक ज्योतिष में इसका उपयोग व्यक्तित्व, जीवन की दिशा और शुभ मुहूर्त जानने के लिए किया जाता है। सबसे महत्वपूर्ण तीन तत्व हैं — चंद्र राशि (मन व भावनाएं), सूर्य राशि (आत्मा व पहचान), और लग्न (शरीर व बाहरी व्यक्तित्व, जन्म के ठीक समय और स्थान पर निर्भर)।

    कुंडली सम्बंधित प्रश्न (FAQ)

    लग्न (Ascendant) पृथ्वी के अपनी धुरी पर घूमने के कारण हर 2 घंटे में लगभग एक राशि बदलता है। बिना सही समय के लग्न गलत निकलेगा, जबकि सूर्य व चंद्र राशि पर समय का प्रभाव कम होता है (चंद्र राशि दिन में एक बार बदल भी सकती है, इसलिए समय फिर भी उपयोगी है)।

    पश्चिमी ज्योतिष में आमतौर पर सूर्य राशि (जन्मतिथि आधारित) प्रचलित है, जबकि वैदिक ज्योतिष में चंद्र राशि (राशिफल, मुहूर्त आदि के लिए) को प्रमुख माना जाता है, क्योंकि चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है।

    यह पूर्णतः निरायण (सिद्ध/Lahiri Ayanamsa) प्रणाली पर आधारित है, जो पारंपरिक वैदिक ज्योतिष में उपयोग होती है — पश्चिमी सायन प्रणाली से लगभग 24 डिग्री भिन्न।

    हाँ — यह टूल आपकी राशि, नक्षत्र, लग्न, नवग्रह की स्थिति, प्रत्येक ग्रह का भाव (लग्न से गणना, Whole Sign पद्धति), वर्तमान विंशोत्तरी महादशा-अंतर्दशा, और मांगलिक दोष जांच दिखाता है।

    विंशोत्तरी दशा एक 120-वर्षीय चक्र है जो नौ ग्रहों में बंटा होता है, जो बताता है कि जीवन में किस समय कौन सा ग्रह प्रधान प्रभाव डाल रहा है। यह आपके जन्म नक्षत्र और उसमें चंद्रमा की स्थिति से तय होता है — पारंपरिक भविष्यकथन में सबसे अधिक उपयोग होने वाली प्रणाली।