
श्री संतोषी माता की आरती
Shri Santoshi Mata Aarti
जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता। अपने सेवक जन की, सुख संपत्ति दाता॥ सुंदर चीर सुनहरा, मनोहर मुकुट धारी। माँ के दर्शन से मिटे, जन जीवन की भारी॥ गुड़ चना का भोग लगावे, श्रद्धा सहित मन लावे। दुख दरिद्र सब मिट जावे, संकट दूर भगावे॥ श्रद्धा विश्वास बढ़ाओ, मैया श्रद्धा विश्वास बढ़ाओ। दुष्टन का संहार करो, संतन को सुख दाओ॥ धूप दीप फल मेवा, माँ स्वीकार करो। भक्त जनों की आशा, पूर्ण सभी करो॥ माँ संतोषी की आरती, जो कोई नर गावे। उर आनंद समावे, भवसागर तर जावे॥ जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता। अपने सेवक जन की, सुख संपत्ति दाता॥
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