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    अध्याय 18 · 78 श्लोक

    मोक्ष संन्यास योग

    मोक्षसंन्यासयोग

    सारांश

    गीता का सबसे लंबा अध्याय, जिसमें श्रीकृष्ण संपूर्ण उपदेश का सार प्रस्तुत करते हैं — त्याग, गुणों के अनुसार कर्म-विभाजन, स्वधर्म का महत्व और अंततः पूर्ण शरणागति का संदेश ('सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज')। अर्जुन का मोह दूर होता है और वे युद्ध के लिए तैयार होते हैं।

    मुख्य शिक्षा

    संपूर्ण गीता का सार — स्वधर्म का पालन और पूर्ण शरणागति।

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    FAQ

    अध्याय 18 में कितने श्लोक हैं?

    अध्याय 18 ("मोक्ष संन्यास योग") में 78 श्लोक हैं।

    अध्याय 18 का मुख्य विषय क्या है?

    संपूर्ण गीता का सार — स्वधर्म का पालन और पूर्ण शरणागति।