प्रसिद्ध मंदिर
अन्नामलाईयार मंदिर, तिरुवन्नामलई
पंच भूत स्थलों में अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व — अरुणाचल पर्वत की गिरिवलम् परिक्रमा के लिए प्रसिद्ध
तिरुवन्नामलई, तमिलनाडु
इतिहास
अन्नामलाईयार मंदिर अरुणाचल पर्वत की तलहटी में स्थित है और भगवान शिव के पंच भूत स्थलों में अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। मंदिर भारत के सबसे विशाल मंदिर परिसरों में गिना जाता है, जिसका राजगोपुरम् लगभग 66 मीटर ऊँचा है। यह स्थान महर्षि रमण महर्षि के आश्रम से भी जुड़ा है, जिन्होंने अपना अधिकांश जीवन अरुणाचल पर्वत पर व्यतीत किया।
महत्व
प्रतिमाह होने वाली पूर्णिमा पर हजारों भक्त अरुणाचल पर्वत की लगभग 14 किमी की गिरिवलम् परिक्रमा नंगे पाँव करते हैं, जो इस तीर्थ की सबसे प्रसिद्ध परंपरा मानी जाती है।
निकटतम रेलवे स्टेशन
तिरुवन्नामलई रेलवे स्टेशन (नगर में ही स्थित)
निकटतम हवाई अड्डा
चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 185 किमी); पुदुचेरी हवाई अड्डा (लगभग 90 किमी)
दर्शन समय
प्रातः 5:30 बजे से रात्रि 9:30 बजे तक।
सर्वोत्तम समय
नवंबर से फरवरी; कार्तिगई दीपम् (नवंबर-दिसंबर) विशाल अग्नि-उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
कैसे पहुँचें
तिरुवन्नामलई स्टेशन चेन्नई व अन्य तमिलनाडु शहरों से जुड़ा है; स्टेशन से मंदिर तक ऑटो व पैदल दोनों विकल्प उपलब्ध हैं।
नोट: यात्रा से पहले दर्शन समय व परिवहन जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से अवश्य करें, क्योंकि ये समय-समय पर बदल सकते हैं।