प्रसिद्ध मंदिर
श्री माता वैष्णो देवी
त्रिकुटा पर्वत, कटरा, जम्मू और कश्मीर
भारत के सर्वाधिक श्रद्धालुओं द्वारा वार्षिक दर्शन किए जाने वाले तीर्थों में से एक
एक नज़र में
- स्थान
- त्रिकुटा पर्वत, कटरा, जम्मू और कश्मीर
- आराध्य
- माता वैष्णो देवी (महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती की संयुक्त शक्ति)
- श्रेणी
- प्रसिद्ध मंदिर
- परंपरा
- शाक्त
- निकटतम रेलवे स्टेशन
- श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशन (कटरा नगर में ही; भवन तक लगभग 13 किमी की चढ़ाई/पैदल यात्रा वहाँ से आरंभ होती है)
- निकटतम हवाई अड्डा
- जम्मू हवाई अड्डा (लगभग 48 किमी)
- घूमने का सर्वोत्तम समय
- मार्च से अक्टूबर (भारी बर्फबारी से बचने हेतु); नवरात्रि में सर्वाधिक भीड़ रहती है।
इतिहास
वैष्णो देवी मंदिर त्रिकुटा पर्वत पर एक गुफा में स्थित है, जहाँ देवी तीन पिंडियों (शिलाओं) के रूप में महाकाली, महालक्ष्मी व महासरस्वती की संयुक्त शक्ति के रूप में विराजमान हैं। कथा के अनुसार देवी ने असुर भैरवनाथ का वध यहीं किया था। परंपरागत रूप से यह 51 शक्तिपीठों की सूची में सम्मिलित नहीं है, बल्कि आदिशक्ति की एक स्वतंत्र व अत्यंत लोकप्रिय अभिव्यक्ति मानी जाती है।
धार्मिक महत्व
वैष्णो देवी भारत के सबसे अधिक दर्शनार्थियों वाले तीर्थस्थलों में गिना जाता है, जहाँ प्रतिवर्ष करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। यात्रा मार्ग को अत्यंत सुव्यवस्थित बनाया गया है, जिसमें हेलीकॉप्टर, बैटरी कार व पालकी जैसी सुविधाएँ भी शामिल हैं।
यात्रा की योजना
दर्शन समय
भवन साल भर 24 घंटे दर्शन हेतु खुला रहता है (आरती व विशेष अनुष्ठानों के समय संक्षिप्त परिवर्तन संभव)।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।
कटरा रेलवे स्टेशन दिल्ली सहित कई शहरों से सीधी ट्रेनों द्वारा जुड़ा है। कटरा से भवन तक लगभग 13 किमी की पैदल यात्रा, खच्चर, पालकी या हेलीकॉप्टर द्वारा पूरी की जाती है।
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