मंदिर सूची

    प्रसिद्ध मंदिर

    श्री करणी माता मंदिर, देशनोक

    'चूहों का मंदिर' — जहाँ हजारों काबे (पवित्र चूहे) देवी की संतान माने जाते हैं

    देशनोक, बीकानेर जिला, राजस्थान

    इतिहास

    करणी माता मंदिर की विशेषता यह है कि यहाँ लगभग 25,000 चूहों ("काबे") को पवित्र व देवी की संतान माना जाता है, जिन्हें दूध व अनाज खिलाया जाता है। कथा के अनुसार करणी माता के एक भक्त पुत्र की मृत्यु पर, यमराज ने उसे चूहे के रूप में पुनर्जीवित किया, और तभी से देवी के सभी सैनिक/भक्त मृत्यु उपरांत चूहे के रूप में इसी मंदिर में पुनर्जन्म लेते हैं, ऐसी मान्यता है। मंदिर का निर्माण महाराजा गंगा सिंह द्वारा 20वीं शताब्दी की शुरुआत में करवाया गया था।

    महत्व

    श्रद्धालु मंदिर के फर्श पर चूहों को अनायास चलने देते हैं और यदि कोई सफेद चूहा दिखे तो उसे विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

    निकटतम रेलवे स्टेशन

    देशनोक रेलवे स्टेशन (लगभग 0.5 किमी, मंदिर के ठीक निकट)

    निकटतम हवाई अड्डा

    बीकानेर हवाई अड्डा (लगभग 35 किमी)

    दर्शन समय

    प्रातः 4:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक।

    सर्वोत्तम समय

    अक्टूबर से मार्च (राजस्थान की गर्मी से बचने हेतु); नवरात्रि में विशेष मेला लगता है।

    कैसे पहुँचें

    देशनोक रेलवे स्टेशन बीकानेर से नियमित ट्रेनों द्वारा जुड़ा है; स्टेशन से मंदिर तक पैदल ही कुछ ही मिनटों में पहुँचा जा सकता है।

    नोट: यात्रा से पहले दर्शन समय व परिवहन जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से अवश्य करें, क्योंकि ये समय-समय पर बदल सकते हैं।

    FAQ

    हाँ, मंदिर परिसर में हजारों पवित्र चूहे स्वतंत्र रूप से विचरण करते हैं और यह मंदिर की सबसे प्रमुख विशेषता है; उन्हें हानि पहुँचाना वर्जित माना जाता है।