मंदिर सूची

    प्रसिद्ध मंदिर

    चामुंडा देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश

    बाणगंगा नदी के तट पर स्थित, धौलाधार पर्वत श्रृंखला की गोद में बसा शक्ति-तीर्थ

    बैजनाथ के निकट, कांगड़ा जिला, हिमाचल प्रदेश

    इतिहास

    चामुंडा देवी मंदिर कांगड़ा घाटी में बाणगंगा नदी के तट पर स्थित है, जहाँ से धौलाधार पर्वत श्रृंखला का मनोरम दृश्य दिखाई देता है। देवी चामुंडा को देवी दुर्गा के उग्र रूप, महाकाली की अभिव्यक्ति माना जाता है, जिन्होंने असुर चंड-मुंड का वध किया था। यह मंदिर हिमाचल प्रदेश की प्रमुख देवी-यात्रा (ज्वालामुखी-चिंतपूर्णी-नैना देवी-चामुंडा) परिपथ का भी हिस्सा माना जाता है।

    महत्व

    मंदिर परिसर के निकट एक पुल है, जिसे पार करके श्रद्धालु बाणगंगा में स्नान कर दर्शन करते हैं, और यह स्थान अपनी प्राकृतिक शांति व हिमालयी दृश्यावली के लिए भी लोकप्रिय है।

    निकटतम रेलवे स्टेशन

    चामुंडा मार्ग रेलवे स्टेशन (लगभग 3-4 किमी, नैरो-गेज)

    निकटतम हवाई अड्डा

    गग्गल हवाई अड्डा, कांगड़ा (लगभग 20 किमी)

    दर्शन समय

    प्रातः 5:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक।

    सर्वोत्तम समय

    मार्च से जून व सितंबर से नवंबर; नवरात्रि में विशेष भीड़ रहती है।

    कैसे पहुँचें

    पठानकोट से कांगड़ा घाटी की नैरो-गेज ट्रेन द्वारा चामुंडा मार्ग स्टेशन पहुँचकर, वहाँ से मंदिर तक पैदल या ऑटो द्वारा पहुँचा जा सकता है।

    नोट: यात्रा से पहले दर्शन समय व परिवहन जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से अवश्य करें, क्योंकि ये समय-समय पर बदल सकते हैं।

    FAQ

    पौराणिक कथा के अनुसार देवी ने असुर चंड व मुंड का वध किया था, जिनके नामों को मिलाकर देवी का नाम 'चामुंडा' पड़ा।