शक्तिपीठ
नैना देवी शक्तिपीठ
बिलासपुर जिला, हिमाचल प्रदेश
गोविंद सागर झील के ऊपर पहाड़ी पर विराजमान, जहाँ सती के नेत्र गिरे थे
एक नज़र में
- स्थान
- बिलासपुर जिला, हिमाचल प्रदेश
- आराध्य
- माता नैना देवी
- श्रेणी
- शक्तिपीठ
- परंपरा
- शाक्त
- निकटतम रेलवे स्टेशन
- आनंदपुर साहिब रेलवे स्टेशन (लगभग 20-25 किमी)
- निकटतम हवाई अड्डा
- चंडीगढ़ हवाई अड्डा (लगभग 108 किमी)
- घूमने का सर्वोत्तम समय
- मार्च-अप्रैल व सितंबर-अक्टूबर की नवरात्रि; तापमान की दृष्टि से मार्च से जून व सितंबर से नवंबर उपयुक्त हैं।
इतिहास
नैना देवी मंदिर बिलासपुर जिले में एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, जहाँ से नीचे गोविंद सागर झील का सुंदर दृश्य दिखाई देता है। मान्यता है कि यहाँ सती के नेत्र (आँखें) गिरे थे, इसीलिए इसे "नैना" (नेत्रों वाली) देवी कहा जाता है। सिख इतिहास से भी इस स्थान का गहरा संबंध है — गुरु गोबिंद सिंह जी ने निकटवर्ती आनंदपुर साहिब में समय व्यतीत किया था।
धार्मिक महत्व
नैना देवी नवरात्रि के समय विशेष रूप से भीड़भाड़ वाला तीर्थ है, और यहाँ पहुँचने हेतु रोपवे (केबल कार) की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे वृद्ध व दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए यात्रा सुगम हो जाती है।
यात्रा की योजना
दर्शन समय
प्रातः 4:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।
आनंदपुर साहिब स्टेशन से टैक्सी व बस द्वारा मंदिर तक पहुँचा जा सकता है; पहाड़ी की चढ़ाई हेतु पैदल मार्ग व रोपवे दोनों विकल्प उपलब्ध हैं।
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