मंदिर सूची

    शक्तिपीठ

    कालीघाट शक्तिपीठ

    कोलकाता नगर को नाम देने वाला प्राचीन काली शक्तिपीठ

    कोलकाता, पश्चिम बंगाल

    इतिहास

    कालीघाट मंदिर, जिससे "कोलकाता" नाम की उत्पत्ति मानी जाती है, हुगली नदी की एक प्राचीन धारा (अब आदि गंगा) के किनारे स्थित है। पौराणिक मान्यता है कि यहाँ सती के दाहिने पैर की चार अंगुलियाँ गिरी थीं। वर्तमान मंदिर का निर्माण 1809 में सावर्ण राय चौधरी परिवार द्वारा करवाया गया, यद्यपि इस स्थल की पूजा इससे कई शताब्दी पूर्व से होती आई है।

    महत्व

    कालीघाट बंगाल की काली-भक्ति परंपरा का हृदयस्थल है और श्री रामकृष्ण परमहंस जैसे संतों से गहराई से जुड़ा है, जिन्होंने अपने आध्यात्मिक जीवन का बड़ा भाग निकटवर्ती दक्षिणेश्वर में बिताया।

    निकटतम रेलवे स्टेशन

    कोलकाता (शियालदह/हावड़ा) रेलवे स्टेशन (लगभग 8-13 किमी); कालीघाट मेट्रो स्टेशन मंदिर के ठीक निकट

    निकटतम हवाई अड्डा

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, कोलकाता (लगभग 20 किमी)

    दर्शन समय

    प्रातः 5:00 बजे से रात्रि 10:30 बजे तक (मध्याह्न में भोग हेतु संक्षिप्त विराम)।

    सर्वोत्तम समय

    अक्टूबर से मार्च; दुर्गा पूजा और काली पूजा (दीपावली) के समय विशेष उत्सव रहता है।

    कैसे पहुँचें

    हावड़ा या शियालदह स्टेशन से कालीघाट मेट्रो (ब्लू लाइन) द्वारा सीधे मंदिर तक पहुँचा जा सकता है, जो कोलकाता में सबसे सुगम विकल्प है।

    नोट: यात्रा से पहले दर्शन समय व परिवहन जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से अवश्य करें, क्योंकि ये समय-समय पर बदल सकते हैं।

    FAQ

    कई इतिहासकार मानते हैं कि 'कोलकाता' नाम 'कालीक्षेत्र' या 'कालीघाट' से व्युत्पन्न है, यद्यपि नामकरण पर विद्वानों में कुछ मतभेद भी है।