प्रसिद्ध मंदिर
चण्डी देवी मंदिर, हरिद्वार
हरिद्वार, उत्तराखंड
नील पर्वत पर विराजमान देवी, हरिद्वार के पंच तीर्थों में से एक
एक नज़र में
- स्थान
- हरिद्वार, उत्तराखंड
- आराध्य
- देवी चण्डी (चण्डिका)
- श्रेणी
- प्रसिद्ध मंदिर
- परंपरा
- शाक्त
- निकटतम रेलवे स्टेशन
- हरिद्वार जंक्शन (लगभग 4 किमी)
- निकटतम हवाई अड्डा
- जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, देहरादून (लगभग 35 किमी)
- घूमने का सर्वोत्तम समय
- अक्टूबर से मार्च; नवरात्रि में सबसे अधिक भीड़ रहती है।
इतिहास
चण्डी देवी मंदिर हरिद्वार में शिवालिक पहाड़ियों के पूर्वी शिखर नील पर्वत पर स्थित है। वर्तमान मंदिर का निर्माण 1929 में कश्मीर के राजा सुचत सिंह द्वारा करवाया गया माना जाता है, जबकि मुख्य प्रतिमा की प्रतिष्ठा परंपरा में आदि शंकराचार्य से जोड़ी जाती है।
धार्मिक महत्व
हरिद्वार के पंच तीर्थों में चण्डी देवी, मनसा देवी और माया देवी प्रमुख हैं, और श्रद्धालु प्रायः तीनों के दर्शन एक साथ करते हैं। नवरात्रि और कुंभ के अवसर पर यहाँ विशेष भीड़ रहती है। मंदिर तक पहुँचने के लिए रोपवे (उड़न खटोला) की सुविधा उपलब्ध है।
यात्रा की योजना
दर्शन समय
मंदिर प्रातः से सायं तक खुला रहता है; रोपवे का समय अलग होता है और मौसम के अनुसार बदलता है।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।
हरिद्वार रेल और सड़क से भली-भाँति जुड़ा है। मंदिर तक रोपवे से या लगभग 3 किमी की पैदल चढ़ाई से पहुँचा जा सकता है।
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