प्रसिद्ध मंदिर
दक्षिणेश्वर काली मंदिर
दक्षिणेश्वर, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
संत रामकृष्ण परमहंस की साधना-स्थली, हुगली नदी के तट पर बसा भव्य नवरत्न मंदिर
एक नज़र में
- स्थान
- दक्षिणेश्वर, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
- आराध्य
- माता भवतारिणी (काली स्वरूप)
- श्रेणी
- प्रसिद्ध मंदिर
- परंपरा
- शाक्त
- निकटतम रेलवे स्टेशन
- दक्षिणेश्वर रेलवे स्टेशन (लगभग 0.5-1 किमी, मंदिर के ठीक निकट)
- निकटतम हवाई अड्डा
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, कोलकाता (लगभग 20 किमी)
- घूमने का सर्वोत्तम समय
- अक्टूबर से मार्च; काली पूजा (दीपावली) पर विशेष भव्य उत्सव मनाया जाता है।
इतिहास
दक्षिणेश्वर काली मंदिर का निर्माण 1855 में रानी रासमणि द्वारा करवाया गया था। यह मंदिर विश्वप्रसिद्ध संत रामकृष्ण परमहंस से गहराई से जुड़ा है, जिन्होंने यहीं मुख्य पुजारी के रूप में वर्षों तक साधना की और यहीं से स्वामी विवेकानंद जैसे शिष्यों को आध्यात्मिक शिक्षा दी। मंदिर की वास्तुकला पारंपरिक बंगाली "नवरत्न" (नौ शिखर) शैली में है।
धार्मिक महत्व
मंदिर परिसर में रामकृष्ण परमहंस का कक्ष आज भी संरक्षित है, जहाँ वे रहते व साधना करते थे, जिससे यह स्थल रामकृष्ण मिशन के अनुयायियों के लिए विशेष रूप से पवित्र माना जाता है।
यात्रा की योजना
दर्शन समय
प्रातः 6:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे और सायं 3:00 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक (दो पालियों में)।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।
कोलकाता के हावड़ा या शियालदह स्टेशन से लोकल ट्रेन द्वारा दक्षिणेश्वर स्टेशन पहुँचकर, मंदिर तक कुछ ही मिनटों में पैदल पहुँचा जा सकता है। दक्षिणेश्वर मेट्रो स्टेशन भी निकट ही है।
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