मंदिर सूची

    शक्तिपीठ

    बक्रेश्वर शक्तिपीठ

    गर्म जलकुंडों के बीच स्थित, जहाँ सती की भृकुटि (भौंहों के बीच का भाग) गिरा था

    बीरभूम जिला, पश्चिम बंगाल

    इतिहास

    बक्रेश्वर मंदिर की विशेषता यह है कि यह क्षेत्र प्राकृतिक गर्म जलकुंडों (हॉट स्प्रिंग्स) से घिरा हुआ है, जिनमें स्नान करना पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि यहाँ सती की भृकुटि (मस्तक/भौंहों के बीच का भाग) गिरी थी। मंदिर बीरभूम जिले के सांस्कृतिक व आध्यात्मिक परिदृश्य का महत्वपूर्ण भाग है, जो कवि रवींद्रनाथ टैगोर की भूमि शांतिनिकेतन के भी निकट है।

    महत्व

    यहाँ के गर्म कुंडों को औषधीय गुणों वाला भी माना जाता है, जिससे यह तीर्थ आध्यात्मिक व स्वास्थ्यवर्धक दोनों उद्देश्यों से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

    निकटतम रेलवे स्टेशन

    दुबराजपुर रेलवे स्टेशन (लगभग 11 किमी)

    निकटतम हवाई अड्डा

    काज़ी नज़रुल इस्लाम हवाई अड्डा, दुर्गापुर (लगभग 90 किमी)

    दर्शन समय

    प्रातः 5:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक।

    सर्वोत्तम समय

    अक्टूबर से फरवरी।

    कैसे पहुँचें

    दुबराजपुर स्टेशन कोलकाता व आसनसोल से जुड़ा है; वहाँ से ऑटो व टैक्सी द्वारा बक्रेश्वर आसानी से पहुँचा जा सकता है।

    नोट: यात्रा से पहले दर्शन समय व परिवहन जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से अवश्य करें, क्योंकि ये समय-समय पर बदल सकते हैं।

    FAQ

    इन प्राकृतिक गर्म जलकुंडों को पवित्र व औषधीय दोनों माना जाता है; दर्शन से पूर्व यहाँ स्नान करना परंपरा का हिस्सा है।