शक्तिपीठ
नलाटेश्वरी (नलहाटी) शक्तिपीठ
नलहाटी, बीरभूम जिला, पश्चिम बंगाल
जहाँ सती के गले की नाड़ी (कंठ) गिरी थी — रेलवे स्टेशन से मात्र कदमों की दूरी पर
एक नज़र में
- स्थान
- नलहाटी, बीरभूम जिला, पश्चिम बंगाल
- आराध्य
- माता कालिका (नलाटेश्वरी)
- श्रेणी
- शक्तिपीठ
- परंपरा
- शाक्त
- निकटतम रेलवे स्टेशन
- नलहाटी जंक्शन (मंदिर से लगभग 1-2 किमी)
- निकटतम हवाई अड्डा
- काज़ी नज़रुल इस्लाम हवाई अड्डा, दुर्गापुर (लगभग 95 किमी)
- घूमने का सर्वोत्तम समय
- अक्टूबर से फरवरी।
इतिहास
नलहाटी शक्तिपीठ की एक अनूठी विशेषता यह है कि यह नलहाटी जंक्शन रेलवे स्टेशन से मात्र कुछ ही दूरी पर स्थित है, जिससे यह भारत के सर्वाधिक सुगमता से पहुँचे जा सकने वाले शक्तिपीठों में गिना जाता है। मान्यता है कि यहाँ सती के गले की नाड़ी (नाल) गिरी थी, इसीलिए इसे "नलहाटेश्वरी" कहा गया।
धार्मिक महत्व
स्टेशन से निकटता के कारण यह मंदिर अक्सर कोलकाता से एक-दिवसीय यात्रा के रूप में लोकप्रिय है, विशेषकर उन श्रद्धालुओं के लिए जो पश्चिम बंगाल के अन्य शक्तिपीठों (बक्रेश्वर, कालीघाट) की भी यात्रा कर रहे हों।
यात्रा की योजना
दर्शन समय
प्रातः 5:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।
नलहाटी जंक्शन सीधे हावड़ा व सियालदह से जुड़ा है; स्टेशन से मंदिर तक पैदल या रिक्शा द्वारा कुछ ही मिनटों में पहुँचा जा सकता है।
माँ दुर्गा की भक्ति आगे बढ़ाएँ
इसी देवता से जुड़ी सामग्री, इसी साइट पर।