इस्कॉन
इस्कॉन श्री मायापुर चंद्रोदय मंदिर
इस्कॉन का वैश्विक मुख्यालय — श्री चैतन्य महाप्रभु की जन्मभूमि
मायापुर, नादिया जिला, पश्चिम बंगाल
इतिहास
मायापुर को वैष्णव परंपरा में श्री चैतन्य महाप्रभु (15वीं शताब्दी) की जन्मभूमि माना जाता है, जिन्होंने भक्ति आंदोलन व संकीर्तन (सामूहिक नाम-जप) को व्यापक रूप से प्रचारित किया। यहीं ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद (इस्कॉन के संस्थापक) ने वैश्विक मुख्यालय स्थापित करने का संकल्प लिया था। वर्तमान में यहाँ भव्य "वैदिक तारामंडल" (Temple of the Vedic Planetarium) का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जो विश्व के सबसे बड़े मंदिर परिसरों में गिना जाएगा।
महत्व
मायापुर गंगा (यहाँ भागीरथी कहलाती है) और जलंगी नदियों के संगम पर स्थित है, और गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय के अनुयायियों के लिए वृंदावन जितना ही पवित्र माना जाता है।
निकटतम रेलवे स्टेशन
नबद्वीप धाम रेलवे स्टेशन (लगभग 2 किमी, फेरी द्वारा गंगा पार); कृष्णानगर सिटी जंक्शन (लगभग 20 किमी, अधिक ट्रेनें)
निकटतम हवाई अड्डा
नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, कोलकाता (लगभग 130 किमी)
दर्शन समय
प्रातः 4:30 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक, मंगला आरती से शयन आरती तक कई दैनिक आरतियों के साथ।
सर्वोत्तम समय
अक्टूबर से मार्च; गौर पूर्णिमा (चैतन्य महाप्रभु जयंती) पर विशाल उत्सव मनाया जाता है।
कैसे पहुँचें
कोलकाता से नबद्वीप धाम तक ट्रेन द्वारा पहुँचकर, वहाँ से फेरी (नौका) द्वारा गंगा पार कर मायापुर पहुँचा जा सकता है। सड़क मार्ग से कोलकाता से सीधी बस व टैक्सी सेवा भी उपलब्ध है (लगभग 3.5-4 घंटे)।
नोट: यात्रा से पहले दर्शन समय व परिवहन जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से अवश्य करें, क्योंकि ये समय-समय पर बदल सकते हैं।