प्रसिद्ध मंदिर
श्री एकलिंगजी मंदिर
कैलाशपुरी, उदयपुर जिला, राजस्थान
मेवाड़ के महाराणाओं के कुलदेवता, जो स्वयं को इस मंदिर के 'दीवान' (प्रतिनिधि शासक) मानते थे
एक नज़र में
- स्थान
- कैलाशपुरी, उदयपुर जिला, राजस्थान
- आराध्य
- भगवान एकलिंगजी (शिव, मेवाड़ राजवंश के कुलदेवता)
- श्रेणी
- प्रसिद्ध मंदिर
- परंपरा
- शैव
- निकटतम रेलवे स्टेशन
- उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन (लगभग 22-23 किमी)
- निकटतम हवाई अड्डा
- महाराणा प्रताप हवाई अड्डा, उदयपुर (लगभग 30 किमी)
- घूमने का सर्वोत्तम समय
- अक्टूबर से मार्च; सोमवार को विशेष रूप से पूजनीय माना जाता है।
इतिहास
एकलिंगजी मंदिर उदयपुर से लगभग 22 किमी दूर कैलाशपुरी में स्थित है और मेवाड़ राजवंश के कुलदेवता भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर की स्थापना 8वीं शताब्दी में मानी जाती है, और इसका महत्व इतना अधिक था कि मेवाड़ के महाराणा स्वयं को भगवान एकलिंगजी का "दीवान" (प्रधानमंत्री/प्रतिनिधि) मात्र मानते थे, न कि स्वतंत्र शासक। काले संगमरमर की चार-मुखी शिव प्रतिमा मंदिर की मुख्य विशेषता है।
धार्मिक महत्व
मंदिर परिसर में 108 छोटे-बड़े मंदिर शामिल हैं, और यह मेवाड़ राजघराने की आस्था व राजनीतिक परंपरा दोनों से गहराई से जुड़ा है — नए महाराणा के राज्याभिषेक से पूर्व यहाँ विशेष अनुष्ठान अनिवार्य माना जाता था।
यात्रा की योजना
दर्शन समय
प्रातः 4:30 बजे से रात्रि 7:00-7:30 बजे तक (कई पालियों में, मध्याह्न विराम सहित)।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।
उदयपुर स्टेशन से टैक्सी व बस द्वारा एकलिंगजी तक लगभग 40-45 मिनट में पहुँचा जा सकता है; कई श्रद्धालु उदयपुर की स्थानीय यात्रा के साथ इसे भी शामिल करते हैं।
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