प्रसिद्ध मंदिर
श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी
चार धाम में पूर्व का धाम — विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा का उद्गम स्थल
पुरी, ओडिशा
इतिहास
पुरी का जगन्नाथ मंदिर आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार धामों में से एक (पूर्व दिशा) माना जाता है। वर्तमान भव्य मंदिर लगभग 12वीं शताब्दी में गंग वंश के राजा अनंतवर्मन चोडगंग द्वारा निर्मित करवाया गया। मंदिर की मूर्तियाँ नीम की लकड़ी से बनी हैं और परंपरा के अनुसार प्रत्येक कुछ वर्षों में "नवकलेवर" संस्कार के तहत नई मूर्तियों से प्रतिस्थापित की जाती हैं।
महत्व
पुरी की वार्षिक रथ यात्रा विश्व की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में गिनी जाती है, जिसमें विशाल लकड़ी के रथों पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा को गुंडिचा मंदिर तक ले जाया जाता है — इसे देखने लाखों श्रद्धालु प्रतिवर्ष एकत्रित होते हैं।
निकटतम रेलवे स्टेशन
पुरी रेलवे स्टेशन (लगभग 2 किमी)
निकटतम हवाई अड्डा
बीजू पटनायक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, भुवनेश्वर (लगभग 60 किमी)
दर्शन समय
प्रातः 5:00 बजे से रात्रि 12:00 बजे तक, कई दैनिक अनुष्ठानों (धूप, भोग, आरती) के साथ।
सर्वोत्तम समय
अक्टूबर से फरवरी; रथ यात्रा (जून-जुलाई) विश्वप्रसिद्ध उत्सव है किंतु अत्यधिक भीड़ रहती है।
कैसे पहुँचें
पुरी रेलवे स्टेशन कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई व हैदराबाद जैसे शहरों से सीधे जुड़ा है; स्टेशन से मंदिर तक ऑटो व रिक्शा द्वारा कुछ ही मिनटों में पहुँचा जा सकता है।
नोट: यात्रा से पहले दर्शन समय व परिवहन जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से अवश्य करें, क्योंकि ये समय-समय पर बदल सकते हैं।