मंदिर सूची

    शक्तिपीठ

    बिराजा (विराजा) शक्तिपीठ

    प्राचीन विराजा क्षेत्र में बसा शक्तिपीठ, जहाँ श्राद्ध कर्म भी संपन्न होता है

    जाजपुर, ओडिशा

    इतिहास

    बिराजा मंदिर ओडिशा के जाजपुर नगर में, वैतरणी नदी के तट पर स्थित है, जो प्राचीन काल में "विराजा क्षेत्र" के नाम से जाना जाता था। मान्यता है कि यहाँ सती की नाभि (कुछ मान्यताओं में उदर का भाग) गिरी थी। यह क्षेत्र गया के समान ही पितरों के श्राद्ध व तर्पण कर्म हेतु भी महत्वपूर्ण माना जाता है, जिससे इसे "उत्कल का गया" भी कहा जाता है।

    महत्व

    बिराजा शक्तिपीठ ओडिशा की शाक्त परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है और वैतरणी नदी में स्नान कर पितरों को तर्पण देने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

    निकटतम रेलवे स्टेशन

    जाजपुर केओंझर रोड रेलवे स्टेशन (लगभग 30 किमी)

    निकटतम हवाई अड्डा

    बीजू पटनायक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, भुवनेश्वर (लगभग 90 किमी)

    दर्शन समय

    प्रातः 5:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक।

    सर्वोत्तम समय

    अक्टूबर से फरवरी; पितृ पक्ष में श्राद्ध कर्म हेतु विशेष भीड़ रहती है।

    कैसे पहुँचें

    जाजपुर केओंझर रोड स्टेशन भुवनेश्वर व कोलकाता मार्ग पर स्थित है; वहाँ से टैक्सी या बस द्वारा जाजपुर नगर व मंदिर तक पहुँचा जा सकता है।

    नोट: यात्रा से पहले दर्शन समय व परिवहन जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से अवश्य करें, क्योंकि ये समय-समय पर बदल सकते हैं।

    FAQ

    गया (बिहार) की भांति ही यहाँ भी वैतरणी नदी तट पर पितरों के श्राद्ध व तर्पण कर्म की प्राचीन परंपरा है, इसीलिए इसे उत्कल (ओडिशा) का गया कहा जाता है।