26 मार्च
राम नवमी
भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव
इतिहास
राम नवमी चैत्र मास की शुक्ल नवमी को मनाई जाती है, जिस दिन अयोध्या में राजा दशरथ और रानी कौशल्या के घर भगवान विष्णु ने श्रीराम के रूप में अवतार लिया था। यह चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन पड़ती है।
महत्व
राम नवमी मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श जीवन — सत्य, धर्म और कर्तव्यपालन — का स्मरण कराती है। भक्त रामचरितमानस और रामायण के पाठ, भजन-कीर्तन तथा राम मंदिरों में विशेष पूजा के माध्यम से यह पर्व मनाते हैं।
पूजा विधि
प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लें। श्रीराम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित कर पूजा करें। रामचरितमानस या रामायण का पाठ करें और मध्याह्न (जन्म के समय) पर विशेष आरती करें।
मंत्र
श्री राम जय राम जय जय राम॥
Shri Ram Jai Ram Jai Jai Ram॥
यह सरल राम नाम मंत्र है, जिसका अखंड जप शांति और भक्ति भाव को गहरा करता है।
मुहूर्त
मुख्य पूजा नवमी तिथि के मध्याह्न काल में की जाती है, जो परंपरागत रूप से श्रीराम के जन्म का समय माना जाता है।
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