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    अध्याय 8 · 28 श्लोक

    अक्षर ब्रह्म योग

    अक्षरब्रह्मयोग

    सारांश

    अर्जुन के प्रश्नों के उत्तर में श्रीकृष्ण ब्रह्म, अध्यात्म, कर्म, अधिभूत और अधिदैव जैसे शब्दों को स्पष्ट करते हैं। वे बताते हैं कि मृत्यु के समय जिस भाव का स्मरण होता है, वही अगली गति निर्धारित करता है, और निरंतर भगवद्‌स्मरण के महत्व पर बल देते हैं।

    मुख्य शिक्षा

    अंतिम समय का स्मरण अगली गति तय करता है; निरंतर भगवद्‌स्मरण आवश्यक है।

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    FAQ

    अध्याय 8 में कितने श्लोक हैं?

    अध्याय 8 ("अक्षर ब्रह्म योग") में 28 श्लोक हैं।

    अध्याय 8 का मुख्य विषय क्या है?

    अंतिम समय का स्मरण अगली गति तय करता है; निरंतर भगवद्‌स्मरण आवश्यक है।