अर्थ
अम्बा का अर्थ ही माँ है। यह देवी का सबसे घरेलू, सबसे अपना संबोधन है।
परिचय
"जय अम्बे गौरी" आरती इसी नाम से शुरू होती है, और गुजरात के गरबे में "अम्बे माँ" सबसे ज़्यादा गाया जाने वाला नाम है। यहाँ भक्त देवी को किसी दूर की शक्ति की तरह नहीं, अपनी माँ की तरह बुलाता है। शायद इसीलिए इसमें कोई विधि नहीं, बस पुकार है।
जप कैसे करें
आरती या भजन के साथ गाकर। माला की ज़रूरत नहीं।
कब जपें: नवरात्रि, और हर शाम की आरती।
अभी जप शुरू करें
जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।
लोग अक्सर पूछते हैं
कोई अंतर नहीं, दोनों एक ही देवी के नाम हैं। अम्बा उनके माँ वाले रूप को कहता है, दुर्गा उनकी शक्ति को।