अर्थ
माँ सरस्वती की जय हो।
परिचय
बहुत से स्कूलों में सुबह की प्रार्थना "या कुन्देन्दु तुषारहार धवला" से शुरू होती है और इसी जयकारे पर ख़त्म होती है। वसंत पंचमी की पूजा में भी आरती के बाद यही बोला जाता है। कई लोगों के लिए यह बस बचपन की एक आवाज़ है।
जप कैसे करें
आरती के बाद, या पढ़ाई शुरू करते समय।
कब जपें: वसंत पंचमी, और सुबह।
अभी जप शुरू करें
जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।
लोग अक्सर पूछते हैं
परंपरा में इस दिन को सरस्वती जी का प्राकट्य दिवस माना जाता है। इसीलिए बच्चों का विद्यारंभ भी अक्सर इसी दिन कराया जाता है।