अर्थ
मैं सरस्वती को नमन करता हूँ। "ऐं" सरस्वती जी का बीज अक्षर है, जिसे वाणी और विद्या का बीज माना जाता है।
परिचय
बंगाल और पूर्वी भारत में वसंत पंचमी को स्कूलों और घरों में सरस्वती पूजा होती है, और बच्चे अपनी किताबें माँ के चरणों में रख देते हैं। उस दिन पढ़ाई नहीं होती, किताबें आशीर्वाद ले रही होती हैं। संगीत सीखने वाले भी रियाज़ से पहले यह मंत्र बोलते हैं।
जप कैसे करें
सफ़ेद या पीले आसन पर बैठें, सामने किताब या वाद्य रखें, सफ़ेद या पीले फूल चढ़ाएँ और जप करें।
कब जपें: वसंत पंचमी, और रोज़ सुबह पढ़ाई से पहले।
अभी जप शुरू करें
जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।
लोग अक्सर पूछते हैं
कई विद्यार्थी मन शांत और एकाग्र करने के लिए इसे जपते हैं। तैयारी की जगह यह नहीं ले सकता, पर घबराहट कम करने में लोगों को इससे सहारा मिलता है।