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    जय सूर्य देव

    Jai Surya Dev

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    छठ के घाटों पर गूँजने वाला नाम।

    प्रकार
    जयघोष
    देवता
    सूर्य देव

    अर्थ

    सूर्य देव की जय हो।

    परिचय

    छठ में व्रती पहले डूबते सूरज को अर्घ्य देते हैं और अगली सुबह उगते सूरज को। घाटों पर पानी में खड़े होकर, सूप में फल लिए, लोग यही पुकारते हैं। इस पर्व की ख़ास बात यह है कि इसमें न पुरोहित ज़रूरी है, न मंत्रों की लंबी सूची। बस सूरज और श्रद्धा।

    जप कैसे करें

    सूर्योदय या सूर्यास्त के समय, अर्घ्य देते हुए।

    कब जपें: रविवार, छठ पूजा और मकर संक्रांति।

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    लोग अक्सर पूछते हैं

    छठ में सूर्य के दोनों रूपों का सम्मान होता है। पहले दिन शाम को अस्त होते सूर्य को, और अगली सुबह उगते सूर्य को।

    सूर्य देव की आरती और स्तोत्र

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