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    सूर्य देवनमस्कार मंत्र

    ॐ सूर्याय नमः

    Om Suryaya Namah

    108 बार जप करें

    सूर्य नमस्कार के बारह मंत्रों में से एक।

    प्रकार
    नमस्कार मंत्र
    देवता
    सूर्य देव
    जप संख्या
    108 (एक माला)

    अर्थ

    मैं सूर्य को नमन करता हूँ। सूर्य को प्रत्यक्ष देव कहा जाता है, क्योंकि वे अकेले देवता हैं जिन्हें हम रोज़ अपनी आँखों से देखते हैं।

    परिचय

    सूर्य नमस्कार के हर आसन के साथ सूर्य का एक नाम लिया जाता है, ॐ मित्राय नमः, ॐ रवये नमः, और तीसरा यही, ॐ सूर्याय नमः। सुबह अर्घ्य देते समय भी बहुत लोग इसे बोलते हैं। सूर्य उपासना का सबसे बड़ा रूप छठ में बिहार और पूर्वांचल के घाटों पर दिखता है, और फिर मकर संक्रांति पर।

    जप कैसे करें

    सूर्योदय के समय पूर्व की ओर मुँह करके, ताँबे के लोटे से जल चढ़ाते हुए। सूर्य नमस्कार करते हैं तो तीसरे आसन के साथ।

    कब जपें: सूर्योदय के समय, ख़ासकर रविवार को।

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    108 बार जप करें

    लोग अक्सर पूछते हैं

    ताँबे के लोटे में जल, थोड़ी रोली और एक लाल फूल डालें। पूर्व की ओर मुँह करके दोनों हाथों से धीरे-धीरे जल गिराएँ।

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