सभी मंत्र
    शनि देवबीज मंत्र

    ॐ शं शनैश्चराय नमः

    Om Sham Shanaishcharaya Namah

    108 बार जप करें

    सबसे धीमे ग्रह का मंत्र, जो धैर्य सिखाता है।

    प्रकार
    बीज मंत्र
    देवता
    शनि देव
    जप संख्या
    108 (एक माला)

    अर्थ

    मैं शनैश्चर को नमन करता हूँ। शनैश्चर का अर्थ है धीरे चलने वाला, और शनि सचमुच आँखों से दिखने वाले ग्रहों में सबसे धीमे चलते हैं। "शं" उनका बीज अक्षर है।

    परिचय

    ज्योतिष में शनि को कर्मफल देने वाला माना गया है, यानी जो जैसा करता है, वैसा पाता है। इसलिए कई गुरु शनि से डरने के बजाय उन्हें अनुशासन और धैर्य का शिक्षक मानते हैं। शनि शिंगणापुर जैसे मंदिरों में शनिवार को तेल चढ़ाने वालों की लंबी कतारें लगती हैं।

    जप कैसे करें

    शनिवार की शाम, सरसों के तेल का दीया जलाकर और काले तिल चढ़ाकर जप करें। परंपरा है कि शनि देव की आँखों में सीधे न देखें, उनके चरणों की ओर देखें।

    कब जपें: शनिवार की शाम। शनि अमावस्या पर विशेष।

    अभी जप शुरू करें

    जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।

    108 बार जप करें

    लोग अक्सर पूछते हैं

    ज्योतिष परंपरा में लोग इसे धैर्य और संयम के अभ्यास की तरह जपते हैं। इसे किसी नतीजे की गारंटी न मानें, और सेहत या पैसों के फ़ैसले इसके भरोसे न लें।

    शनि देव के और मंत्र