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    प्रसिद्ध मंदिर

    गोरखनाथ मंदिर

    गोरखपुर, उत्तर प्रदेश

    नाथ संप्रदाय का प्रमुख पीठ, जिसके नाम पर गोरखपुर नगर का नामकरण हुआ

    एक नज़र में

    स्थान
    गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
    आराध्य
    योगी गुरु गोरखनाथ (शिव परंपरा से संबद्ध)
    श्रेणी
    प्रसिद्ध मंदिर
    परंपरा
    शैव
    निकटतम रेलवे स्टेशन
    गोरखपुर जंक्शन (लगभग 3-4.5 किमी)
    निकटतम हवाई अड्डा
    गोरखपुर हवाई अड्डा (लगभग 8 किमी)
    घूमने का सर्वोत्तम समय
    अक्टूबर से मार्च; मकर संक्रांति खिचड़ी मेला (जनवरी) विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

    इतिहास

    गोरखनाथ मंदिर नाथ संप्रदाय के संस्थापक-गुरुओं में से एक, योगी गोरखनाथ को समर्पित है, जिनके नाम पर ही गोरखपुर नगर का नामकरण हुआ। यह मंदिर सदियों से नाथ योगी परंपरा, हठ योग व सांस्कृतिक शिक्षा का केंद्र रहा है। वर्तमान में यह उत्तर प्रदेश के सर्वाधिक प्रभावशाली धार्मिक-सामाजिक संस्थानों में गिना जाता है।

    धार्मिक महत्व

    मंदिर परिसर में एक बड़ा मेला मैदान, गोशाला व शिक्षण संस्थान भी संचालित होते हैं, और मकर संक्रांति पर यहाँ भव्य खिचड़ी मेला आयोजित होता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं।

    यात्रा की योजना

    दर्शन समय

    प्रातः 4:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक।

    त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।

    गोरखपुर जंक्शन (भारत के सबसे लंबे रेलवे प्लेटफार्मों में से एक) दिल्ली, मुंबई व अन्य प्रमुख शहरों से जुड़ा है; स्टेशन से मंदिर तक ऑटो व टैक्सी सुगमता से उपलब्ध हैं।

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    सामान्य प्रश्न

    यह मकर संक्रांति पर आयोजित होने वाला वार्षिक मेला है, जिसमें श्रद्धालु मंदिर में खिचड़ी अर्पित करते हैं; यह गोरखपुर के सबसे बड़े वार्षिक धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है।