प्रसिद्ध मंदिर
श्री कनक दुर्गा मंदिर, विजयवाड़ा
इंद्रकीलाद्रि पहाड़ी, विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश
कृष्णा नदी तट पर इंद्रकीलाद्रि पहाड़ी पर विराजमान आंध्र प्रदेश की प्रमुख देवी
एक नज़र में
- स्थान
- इंद्रकीलाद्रि पहाड़ी, विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश
- आराध्य
- माता कनक दुर्गा (दुर्गा स्वरूप)
- श्रेणी
- प्रसिद्ध मंदिर
- परंपरा
- शाक्त
- निकटतम रेलवे स्टेशन
- विजयवाड़ा जंक्शन (लगभग 2-3 किमी)
- निकटतम हवाई अड्डा
- विजयवाड़ा हवाई अड्डा (गन्नवरम्, लगभग 20 किमी)
- घूमने का सर्वोत्तम समय
- अक्टूबर से फरवरी; शारदीय व वासंतिक नवरात्रि दोनों यहाँ भव्यता से मनाई जाती हैं।
इतिहास
कनक दुर्गा मंदिर विजयवाड़ा में कृष्णा नदी के तट पर इंद्रकीलाद्रि पहाड़ी पर स्थित है। मान्यता है कि यहीं अर्जुन ने शिव से पाशुपतास्त्र प्राप्त करने हेतु घोर तपस्या की थी। देवी दुर्गा को यहाँ महिषासुरमर्दिनी रूप में पूजा जाता है, और मंदिर आंध्र प्रदेश के सबसे अधिक दर्शनार्थियों वाले शक्ति-तीर्थों में गिना जाता है।
धार्मिक महत्व
विजयवाड़ा की शारदीय नवरात्रि यहाँ अत्यंत भव्य रूप से मनाई जाती है, जिसमें प्रतिदिन देवी के भिन्न-भिन्न स्वरूपों की झांकी सजाई जाती है, जो पूरे राज्य से श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है।
यात्रा की योजना
दर्शन समय
प्रातः 5:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।
विजयवाड़ा जंक्शन दक्षिण भारत के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा है; स्टेशन से मंदिर तक हर 20 मिनट में बस सेवा या ऑटो/टैक्सी द्वारा पहुँचा जा सकता है।
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