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    प्रसिद्ध मंदिर

    श्रीकालहस्ती मंदिर

    श्रीकालहस्ती, चित्तूर जिला, आंध्र प्रदेश

    पंच भूत स्थलों में वायु तत्व का प्रतिनिधित्व, राहु-केतु पूजा हेतु विशेष प्रसिद्ध

    एक नज़र में

    स्थान
    श्रीकालहस्ती, चित्तूर जिला, आंध्र प्रदेश
    आराध्य
    भगवान शिव (कालहस्तीश्वर, वायु तत्व स्वरूप)
    श्रेणी
    प्रसिद्ध मंदिर
    परंपरा
    शैव
    निकटतम रेलवे स्टेशन
    श्रीकालहस्ती रेलवे स्टेशन (लगभग 2 किमी)
    निकटतम हवाई अड्डा
    तिरुपति हवाई अड्डा (लगभग 38 किमी)
    घूमने का सर्वोत्तम समय
    सितंबर से फरवरी; महाशिवरात्रि पर विशेष उत्सव मनाया जाता है।

    इतिहास

    श्रीकालहस्ती मंदिर स्वर्णमुखी नदी के तट पर स्थित है और भगवान शिव के पंच भूत स्थलों में वायु तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। मंदिर का नाम एक मकड़ी (श्री), सर्प (काल) व हाथी (हस्ती) की कथा से जुड़ा है, जिन्होंने शिवलिंग की भक्तिपूर्वक सेवा की थी। मंदिर की वर्तमान संरचना मुख्यतः विजयनगर व चोल शासकों के काल में विकसित हुई।

    धार्मिक महत्व

    मंदिर राहु-केतु दोष निवारण पूजा हेतु विशेष रूप से प्रसिद्ध है, और देशभर से भक्त इस विशेष अनुष्ठान हेतु यहाँ आते हैं।

    यात्रा की योजना

    दर्शन समय

    प्रातः 6:00 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक।

    त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।

    श्रीकालहस्ती स्टेशन तिरुपति से जुड़ा है; स्टेशन से मंदिर तक ऑटो द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है। कई श्रद्धालु तिरुपति व श्रीकालहस्ती की यात्रा एक साथ करते हैं।

    भगवान शिव की भक्ति आगे बढ़ाएँ

    इसी देवता से जुड़ी सामग्री, इसी साइट पर।

    सामान्य प्रश्न

    यह मंदिर राहु-केतु ग्रह दोष के निवारण हेतु भारत के सबसे प्रमुख केंद्रों में गिना जाता है, जहाँ विशेष अनुष्ठान व अभिषेक कराए जाते हैं।