अर्थ
लक्ष्मी माता की जय हो। यही उनकी सबसे प्रसिद्ध आरती "ॐ जय लक्ष्मी माता" की शुरुआत भी है।
परिचय
दीवाली की पूजा के आख़िर में जब पूरा परिवार थाली घुमाकर आरती गाता है, तो सबसे पहले यही शब्द निकलते हैं। जो लोग पूरी आरती नहीं गाते, वे भी दीया जलाते समय अक्सर बस यही बोल देते हैं।
जप कैसे करें
आरती के साथ, या दीया जलाते हुए।
कब जपें: शुक्रवार की शाम और दीवाली।
अभी जप शुरू करें
जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।
लोग अक्सर पूछते हैं
शुक्रवार लक्ष्मी जी का दिन माना जाता है। साल की सबसे बड़ी लक्ष्मी पूजा दीवाली की रात प्रदोष काल में होती है।