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    माँ लक्ष्मीबीज मंत्र

    श्रीं श्रीं

    Shreem Shreem

    108 बार जप करें

    सिर्फ़ बीज अक्षर, ध्वनि पर टिका हुआ जप।

    प्रकार
    बीज मंत्र
    देवता
    माँ लक्ष्मी
    जप संख्या
    108 (एक माला)

    अर्थ

    लक्ष्मी के बीज अक्षर "श्रीं" को दोहराना। इसमें कोई वाक्य नहीं, बस ध्वनि है।

    परिचय

    तंत्र और श्रीविद्या की परंपराओं में बीज अक्षरों का अलग से जप होता है। विचार यह है कि अर्थ पकड़ने की कोशिश छोड़कर मन सिर्फ़ ध्वनि पर टिके। यह थोड़ा अभ्यास माँगता है, इसलिए नए लोगों को आमतौर पर पहले पूरा मंत्र, ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः, जपने को कहा जाता है।

    जप कैसे करें

    शांत जगह, सीधी पीठ। उच्चारण सही होना ज़रूरी है, इसलिए किसी जानकार से सीख लें।

    कब जपें: शुक्रवार, सुबह या शाम।

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    108 बार जप करें

    लोग अक्सर पूछते हैं

    एक अक्षर की वे ध्वनियाँ जिन्हें किसी देवता का सार माना जाता है, जैसे गणेश जी का "गं" और लक्ष्मी जी का "श्रीं"।

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