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    सीता राम

    Sita Ram

    108 बार जप करें

    अयोध्या और चित्रकूट का अभिवादन, और रामानंदी साधुओं का जप।

    प्रकार
    नाम जप
    देवता
    भगवान राम
    जप संख्या
    108 (एक माला)

    अर्थ

    सीता और राम, दोनों का नाम एक साथ। इसे अक्सर एक ही शब्द की तरह बोला जाता है, "सीताराम"।

    परिचय

    रामानंदी संप्रदाय के साधु आपस में "सीताराम" कहकर ही मिलते हैं। अयोध्या और चित्रकूट में यह आम अभिवादन है। भक्ति परंपरा में भगवान के साथ उनकी शक्ति का नाम लेना पूरा संबोधन माना जाता है, इसलिए सीता का नाम पहले आता है। कई मंदिरों में इसका अखंड कीर्तन बरसों से चल रहा है।

    जप कैसे करें

    "सीताराम सीताराम" की लय में, माला पर या गाकर।

    कब जपें: किसी भी समय। रामनवमी और विवाह पंचमी पर विशेष।

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    108 बार जप करें

    लोग अक्सर पूछते हैं

    मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी का दिन, जिसे राम और सीता के विवाह का दिन माना जाता है। अयोध्या और जनकपुर में इसे बड़े उत्सव से मनाते हैं।

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