अर्थ
सीता और राम, दोनों का नाम एक साथ। इसे अक्सर एक ही शब्द की तरह बोला जाता है, "सीताराम"।
परिचय
रामानंदी संप्रदाय के साधु आपस में "सीताराम" कहकर ही मिलते हैं। अयोध्या और चित्रकूट में यह आम अभिवादन है। भक्ति परंपरा में भगवान के साथ उनकी शक्ति का नाम लेना पूरा संबोधन माना जाता है, इसलिए सीता का नाम पहले आता है। कई मंदिरों में इसका अखंड कीर्तन बरसों से चल रहा है।
जप कैसे करें
"सीताराम सीताराम" की लय में, माला पर या गाकर।
कब जपें: किसी भी समय। रामनवमी और विवाह पंचमी पर विशेष।
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जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।