स्तोत्र
    Vishnu Sahasranama

    विष्णु सहस्रनाम

    Vishnu Sahasranama

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    ॥ ध्यानम् ॥
    शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
    विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।
    लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं
    वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
    
    ॐ विश्वं विष्णुर्वषट्कारो भूतभव्यभवत्प्रभुः।
    भूतकृद्भूतभृद्भावो भूतात्मा भूतभावनः॥
    
    पूतात्मा परमात्मा च मुक्तानां परमा गतिः।
    अव्ययः पुरुषः साक्षी क्षेत्रज्ञोऽक्षर एव च॥
    
    योगो योगविदां नेता प्रधानपुरुषेश्वरः।
    नारसिंहवपुः श्रीमान् केशवः पुरुषोत्तमः॥
    
    सर्वः शर्वः शिवः स्थाणुर्भूतादिर्निधिरव्ययः।
    सम्भवो भावनो भर्ता प्रभवः प्रभुरीश्वरः॥
    ॥ फलश्रुति ॥
    य इदं शृणुयान्नित्यं यश्चापि परिकीर्तयेत्।
    नाशुभं प्राप्नुयात् किञ्चित्सोऽमुत्रेह च मानवः॥

    ऊपर ध्यान श्लोक तथा सहस्रनाम के आरंभिक नाम दिए गए हैं। सम्पूर्ण स्तोत्र महाभारत के अनुशासन पर्व में है, जिसमें भगवान विष्णु के एक हज़ार नाम १०७ श्लोकों में संकलित हैं — पूर्ण एवं प्रामाणिक पाठ हेतु गीता प्रेस अथवा किसी विश्वसनीय प्रकाशित संस्करण का संदर्भ लें।

    अर्थ

    विष्णु सहस्रनाम महाभारत के अनुशासन पर्व में भीष्म पितामह द्वारा युधिष्ठिर को उपदेशित भगवान विष्णु के एक हज़ार पवित्र नामों का संग्रह है। प्रत्येक नाम भगवान के किसी न किसी दिव्य गुण, शक्ति या स्वरूप को प्रकट करता है — जैसे "विश्व" (सम्पूर्ण ब्रह्मांड), "पुरुषोत्तम" (सर्वश्रेष्ठ पुरुष), "सर्वः" (सब कुछ)। इसे भगवद गीता के समान ही अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है।

    लाभ

    • 🪷मानसिक शांति, स्पष्टता और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है
    • 🪷संकटों और बाधाओं से रक्षा हेतु नित्य पाठ किया जाता है
    • 🪷एकाग्रता, धैर्य और सकारात्मकता बढ़ाता है
    • 🪷एकादशी और वैकुण्ठ एकादशी पर विशेष रूप से पढ़ा जाता है

    जप/पाठ विधि

    प्रातःकाल स्नान के बाद भगवान विष्णु के चित्र के समक्ष दीपक जलाकर, शुद्ध उच्चारण के साथ पूर्ण पाठ करें। पूर्ण पाठ में सामान्यतः 20-30 मिनट लगते हैं।

    सर्वोत्तम समय

    प्रातःकाल तथा एकादशी विशेष शुभ मानी जाती है।

    FAQ

    इसमें लगभग 107 श्लोक हैं, जिनमें भगवान विष्णु के 1000 नाम समाहित हैं।

    नहीं, कोई भी श्रद्धालु इसे पढ़ सकता है। शुद्ध उच्चारण और श्रद्धा ही सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।