शक्तिपीठ
अंबाजी शक्तिपीठ
बनासकांठा जिला, अरासुर पर्वत, गुजरात
जहाँ मूर्ति नहीं, केवल श्रीयंत्र की पूजा होती है — सती का हृदय गिरने का स्थल
एक नज़र में
- स्थान
- बनासकांठा जिला, अरासुर पर्वत, गुजरात
- आराध्य
- माता अंबा (आदि शक्ति)
- श्रेणी
- शक्तिपीठ
- परंपरा
- शाक्त
- निकटतम रेलवे स्टेशन
- आबू रोड रेलवे स्टेशन, राजस्थान (लगभग 20-22 किमी)
- निकटतम हवाई अड्डा
- महाराणा प्रताप हवाई अड्डा, उदयपुर (लगभग 185 किमी); अहमदाबाद हवाई अड्डा (लगभग 180 किमी)
- घूमने का सर्वोत्तम समय
- अक्टूबर से मार्च; भाद्रपद पूर्णिमा मेला (अगस्त-सितंबर) एक विशाल वार्षिक उत्सव है।
इतिहास
अंबाजी मंदिर गुजरात-राजस्थान सीमा के निकट अरासुर पर्वत पर स्थित है। मान्यता है कि यहाँ सती का हृदय गिरा था। मंदिर की अनूठी विशेषता यह है कि गर्भगृह में कोई मूर्ति नहीं, बल्कि "विशा यंत्र" (श्रीयंत्र) की पूजा होती है, जिसे नग्न आँखों से देखना वर्जित माना जाता है — भक्त इसे स्वर्ण आवरण से ढके रूप में ही देखते हैं। निकटवर्ती गब्बर पर्वत को देवी का मूल स्थान माना जाता है।
धार्मिक महत्व
अंबाजी गुजरात के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों में गिना जाता है और भाद्रपद पूर्णिमा पर यहाँ विशाल मेला लगता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु पैदल यात्रा (पगचालो) करके पहुँचते हैं।
यात्रा की योजना
दर्शन समय
प्रातः 7:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक (आरती के समय के अनुसार थोड़ा परिवर्तन संभव)।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।
आबू रोड स्टेशन दिल्ली, मुंबई, जयपुर व अहमदाबाद जैसे शहरों से अच्छी तरह जुड़ा है; वहाँ से टैक्सी व बस द्वारा अंबाजी आसानी से पहुँचा जा सकता है।
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