मंदिर सूची

    ज्योतिर्लिंग

    नागेश्वर ज्योतिर्लिंग

    विषधारी भक्तों की रक्षा करने वाले, भगवान शिव की विशाल मूर्ति के लिए प्रसिद्ध

    द्वारका, गुजरात

    इतिहास

    नागेश्वर मंदिर द्वारका के निकट स्थित है और शिव पुराण की कथा से जुड़ा है, जिसमें एक राक्षस दारुक ने शिवभक्त सुप्रिय को बंदी बना लिया था; शिव ने वहाँ प्रकट होकर राक्षस का वध किया और भक्तों को "नागेश्वर" (नागों/विषधरों के स्वामी) के रूप में आश्वासन दिया कि जो भी सच्चे मन से यहाँ पूजा करेगा, वह विष व भय से मुक्त रहेगा। मंदिर परिसर में भगवान शिव की लगभग 25 मीटर ऊँची विशाल प्रतिमा भी है, जो दूर से ही दिखाई देती है।

    महत्व

    नागेश्वर को अक्सर द्वारकाधीश मंदिर यात्रा के साथ जोड़ा जाता है, क्योंकि दोनों एक-दूसरे के निकट हैं, जिससे तीर्थयात्री एक ही यात्रा में दोनों दर्शन कर लेते हैं।

    निकटतम रेलवे स्टेशन

    द्वारका रेलवे स्टेशन (लगभग 15-17 किमी)

    निकटतम हवाई अड्डा

    जामनगर हवाई अड्डा (लगभग 137 किमी); पोरबंदर हवाई अड्डा (लगभग 105 किमी)

    दर्शन समय

    प्रातः 6:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक।

    सर्वोत्तम समय

    अक्टूबर से मार्च (गुजरात की गर्मी से बचने हेतु)।

    कैसे पहुँचें

    द्वारका रेलवे स्टेशन से नागेश्वर तक ऑटो व टैक्सी उपलब्ध हैं। यह मंदिर द्वारकाधीश मंदिर से लगभग 17 किमी दूर है और दोनों स्थलों को जोड़ने वाली स्थानीय परिवहन सुविधा सुलभ है।

    नोट: यात्रा से पहले दर्शन समय व परिवहन जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से अवश्य करें, क्योंकि ये समय-समय पर बदल सकते हैं।

    FAQ

    हाँ, दोनों मंदिर एक-दूसरे से लगभग 17 किमी की दूरी पर हैं और स्थानीय टैक्सी या ऑटो द्वारा एक ही दिन में दोनों के दर्शन आसानी से किए जा सकते हैं।