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    ज्योतिर्लिंग

    ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग

    खंडवा जिला (मांधाता द्वीप, नर्मदा नदी), मध्य प्रदेश

    नर्मदा नदी के बीच 'ॐ' आकार के द्वीप पर विराजमान ज्योतिर्लिंग

    एक नज़र में

    स्थान
    खंडवा जिला (मांधाता द्वीप, नर्मदा नदी), मध्य प्रदेश
    आराध्य
    भगवान शिव
    श्रेणी
    ज्योतिर्लिंग
    परंपरा
    शैव
    निकटतम रेलवे स्टेशन
    खंडवा जंक्शन (लगभग 70-77 किमी); छोटा स्टेशन ओंकारेश्वर रोड (लगभग 12 किमी, सीमित ट्रेनें)
    निकटतम हवाई अड्डा
    देवी अहिल्याबाई होल्कर हवाई अड्डा, इंदौर (लगभग 77 किमी)
    घूमने का सर्वोत्तम समय
    अक्टूबर से मार्च; श्रावण मास में विशेष भीड़ रहती है।

    इतिहास

    ओंकारेश्वर मंदिर नर्मदा नदी के मध्य स्थित मांधाता (शिवपुरी) द्वीप पर है, जिसका प्राकृतिक आकार देवनागरी "ॐ" जैसा माना जाता है। कथा के अनुसार विंध्य पर्वत ने अहंकार त्याग कर यहाँ शिव की आराधना की थी। यह द्वीप वास्तव में दो मंदिरों का घर है — ओंकारेश्वर और ममलेश्वर (या अमरेश्वर), और परंपरागत रूप से दोनों को मिलाकर ही बारहवां ज्योतिर्लिंग माना जाता है।

    धार्मिक महत्व

    यह स्थान नर्मदा परिक्रमा मार्ग पर भी पड़ता है, जो भारत की सबसे प्रमुख नदी-परिक्रमाओं में से एक है। द्वीप तक पहुँचने के लिए पुल पार करना होता है, जिससे यह यात्रा दृश्यात्मक रूप से भी अत्यंत सुंदर बन जाती है।

    यात्रा की योजना

    दर्शन समय

    प्रातः 5:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक; शयन आरती के पश्चात मंदिर बंद होता है।

    त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।

    खंडवा जंक्शन से टैक्सी व बस द्वारा ओंकारेश्वर लगभग 1.5-2 घंटे में पहुँचा जा सकता है। इंदौर से भी सीधी सड़क सुविधा उपलब्ध है।

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    इसी देवता से जुड़ी सामग्री, इसी साइट पर।

    सामान्य प्रश्न

    नर्मदा और उसकी सहायक कावेरी धारा द्वीप को घेरते हुए ऐसा प्राकृतिक मोड़ बनाती हैं जो देवनागरी 'ॐ' चिह्न से मिलता-जुलता प्रतीत होता है, जिसे भक्त एक दैवीय संकेत मानते हैं।