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    ज्योतिर्लिंग

    महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग

    उज्जैन, मध्य प्रदेश

    एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग, जहाँ भस्म आरती विश्वप्रसिद्ध है

    एक नज़र में

    स्थान
    उज्जैन, मध्य प्रदेश
    आराध्य
    भगवान शिव (महाकाल रूप में)
    श्रेणी
    ज्योतिर्लिंग
    परंपरा
    शैव
    निकटतम रेलवे स्टेशन
    उज्जैन जंक्शन (मंदिर से लगभग 2-3 किमी)
    निकटतम हवाई अड्डा
    देवी अहिल्याबाई होल्कर हवाई अड्डा, इंदौर (लगभग 55 किमी)
    घूमने का सर्वोत्तम समय
    अक्टूबर से मार्च; श्रावण मास और महाशिवरात्रि में विशेष भीड़ व उत्सव रहता है।

    इतिहास

    उज्जैन (प्राचीन अवंतिका) में स्थित महाकालेश्वर मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है, जो तांत्रिक परंपरा में विशेष महत्व रखता है। कथा के अनुसार राजा चंद्रसेन के भक्त बालक श्रीकर की रक्षा हेतु शिव स्वयं यहाँ प्रकट हुए और असुर दूषण का वध कर सदा के लिए महाकाल रूप में विराजमान हो गए। मंदिर परिसर में तीन खंड हैं — गर्भगृह में महाकालेश्वर, ऊपर ओंकारेश्वर, और सबसे ऊपर नागचंद्रेश्वर (जो वर्ष में केवल नागपंचमी पर खुलता है)।

    धार्मिक महत्व

    महाकालेश्वर की भस्म आरती (प्रातःकाल की चिता-भस्म से होने वाली आरती) विश्वभर में प्रसिद्ध है और इसे देखने हेतु ऑनलाइन अनुमति पहले से लेनी पड़ती है। उज्जैन नगर भारत के सप्तपुरियों में से एक और कुंभ मेले के चार स्थलों में से एक भी है।

    यात्रा की योजना

    दर्शन समय

    प्रातः 4:00 बजे से रात्रि 11:00 बजे तक; भस्म आरती प्रतिदिन प्रातः 4:00 बजे (ऑनलाइन बुकिंग आवश्यक)।

    त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।

    उज्जैन जंक्शन भारत के लगभग सभी बड़े शहरों — दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद — से सीधी ट्रेनों द्वारा जुड़ा है। स्टेशन से मंदिर तक ऑटो या टैक्सी आसानी से उपलब्ध है।

    भगवान शिव की भक्ति आगे बढ़ाएँ

    इसी देवता से जुड़ी सामग्री, इसी साइट पर।

    सामान्य प्रश्न

    भस्म आरती की अनुमति मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट या काउंटर से पहले से लेनी होती है, क्योंकि सीमित स्थान होने के कारण यह जल्दी भर जाती है।