मंदिर सूची

    प्रसिद्ध मंदिर

    श्री बांके बिहारी मंदिर

    वृंदावन का सबसे अधिक दर्शनार्थी मंदिर — जहाँ पर्दा हर कुछ सेकंड में खुलता-बंद होता है

    वृंदावन, मथुरा जिला, उत्तर प्रदेशदिशा-निर्देश (Google Maps)

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    इतिहास

    परंपरा के अनुसार, बांके बिहारी जी की मूर्ति स्वामी हरिदास (संगीत सम्राट तानसेन के गुरु माने जाते हैं) की भक्ति-साधना से निधिवन में प्रकट हुई थी। वर्तमान मंदिर भवन का निर्माण 19वीं शताब्दी में हुआ, और तभी से यह वृंदावन के सबसे लोकप्रिय दर्शन स्थलों में गिना जाता है। यहाँ पारंपरिक शंख या घंटी नहीं बजाई जाती — मान्यता है कि बिहारी जी की चितवन इतनी प्रभावशाली है कि पुजारी हर कुछ क्षणों में पर्दा गिरा देते हैं।

    महत्व

    यह मंदिर वृंदावन आने वाले लगभग हर तीर्थयात्री के दर्शन कार्यक्रम में शामिल होता है, और होली, जन्माष्टमी व फूल बंगला उत्सव के समय यहाँ लाखों श्रद्धालु एकत्र होते हैं।

    निकटतम रेलवे स्टेशन

    मथुरा जंक्शन (लगभग 13 किमी)

    निकटतम हवाई अड्डा

    आगरा हवाई अड्डा (लगभग 74 किमी); इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली (लगभग 160 किमी)

    दर्शन समय

    प्रातः 7:45 से दोपहर 12:00 और सायं 4:30 से रात्रि 9:30 तक (ऋतु के अनुसार समय में परिवर्तन होता है, दर्शन के बीच मंदिर बंद रहता है)।

    सर्वोत्तम समय

    अक्टूबर से मार्च; जन्माष्टमी, होली व फूल बंगला उत्सव के समय विशेष भव्यता रहती है, पर भीड़ भी अधिक होती है।

    कैसे पहुँचें

    मथुरा जंक्शन से ऑटो व टैक्सी द्वारा वृंदावन लगभग 30 मिनट में पहुँचा जा सकता है; मंदिर परिसर तक अंतिम मार्ग केवल पैदल या साइकिल-रिक्शा से तय होता है क्योंकि गलियाँ संकरी हैं।

    नोट: यात्रा से पहले दर्शन समय व परिवहन जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से अवश्य करें, क्योंकि ये समय-समय पर बदल सकते हैं।

    FAQ

    मान्यता है कि बिहारी जी की चितवन इतनी प्रभावशाली और तीव्र मानी जाती है कि पुजारी दर्शनार्थियों की भलाई हेतु हर कुछ क्षणों में पर्दा गिरा देते हैं — यह मंदिर की एक विशिष्ट व अनूठी परंपरा है।

    परंपरा के अनुसार यहाँ बिहारी जी को विश्राम की स्थिति में माना जाता है, इसलिए मंदिर में घंटी या शंख बजाने की प्रथा नहीं है — यह अन्य अधिकांश कृष्ण मंदिरों से इसे अलग बनाता है।