प्रसिद्ध मंदिर
श्री राधा रानी मंदिर, बरसाना (श्रीजी मंदिर)
राधा रानी का जन्मस्थान माना जाने वाला नगर — भानुगढ़ पहाड़ी पर स्थित मंदिर, विश्वप्रसिद्ध लठमार होली के लिए प्रसिद्ध
बरसाना, मथुरा जिला, उत्तर प्रदेशदिशा-निर्देश (Google Maps)
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बरसाना को भक्ति-परंपरा में राधा रानी का जन्मस्थान व बाल्यकाल का घर माना जाता है। यहाँ का मुख्य मंदिर — जिसे श्रीजी मंदिर, राधा रानी मंदिर या लाड़ली जी मंदिर कहा जाता है — भानुगढ़ (ब्रह्माचल) नामक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है और वहाँ तक सैकड़ों सीढ़ियाँ चढ़कर पहुँचा जाता है। अधिकांश कृष्ण-केंद्रित मंदिरों के विपरीत, यहाँ राधा रानी को प्रधान देवी के रूप में पूजा जाता है, और भगवान कृष्ण उनके साथ गौण रूप में विराजमान हैं — यह इस मंदिर की सबसे विशिष्ट पहचान है।
महत्व
बरसाना विश्वभर में "लठमार होली" के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें बरसाना की महिलाएँ पड़ोसी गाँव नंदगाँव (कृष्ण का गाँव, लगभग 9 किमी दूर) से आए पुरुषों को परंपरागत रूप से लाठियों से खेल-खेल में पीटती हैं — यह कृष्ण द्वारा राधा व गोपियों को छेड़ने की लीला का स्मरण कराता है। अगले दिन नंदगाँव में यही उत्सव भूमिका बदलकर मनाया जाता है।
निकटतम रेलवे स्टेशन
मथुरा जंक्शन (लगभग 50 किमी); कोसी कलां रेलवे स्टेशन निकटतम है (लगभग 20 किमी)
निकटतम हवाई अड्डा
आगरा हवाई अड्डा (लगभग 95 किमी); इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली (लगभग 120 किमी)
दर्शन समय
प्रातः 5:00 से दोपहर 12:00 और सायं 4:00 से रात्रि 8:00 तक (लगभग; ऋतु व उत्सव अनुसार परिवर्तन संभव)।
सर्वोत्तम समय
अक्टूबर से मार्च सामान्य दर्शन हेतु उत्तम; होली के आसपास लठमार होली उत्सव देखने के लिए विशेष रूप से आना चाहिए, परंतु उस समय अत्यधिक भीड़ रहती है।
कैसे पहुँचें
मथुरा या वृंदावन से बरसाना सड़क मार्ग द्वारा लगभग 1-1.5 घंटे में पहुँचा जा सकता है; कोसी कलां रेलवे स्टेशन (दिल्ली-मुंबई मार्ग पर) से भी ऑटो/टैक्सी उपलब्ध रहते हैं। मंदिर तक पहुँचने हेतु पहाड़ी की सीढ़ियाँ पैदल चढ़नी होती हैं।
नोट: यात्रा से पहले दर्शन समय व परिवहन जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से अवश्य करें, क्योंकि ये समय-समय पर बदल सकते हैं।