शक्तिपीठ
महालक्ष्मी शक्तिपीठ, कोल्हापुर
दक्षिण काशी कहलाने वाला महाराष्ट्र का प्रसिद्ध शक्ति-तीर्थ
कोल्हापुर, महाराष्ट्र
इतिहास
कोल्हापुर का महालक्ष्मी मंदिर, जिसे स्थानीय रूप से "अंबाबाई मंदिर" भी कहा जाता है, महाराष्ट्र के सबसे प्राचीन व पूज्य मंदिरों में गिना जाता है। शाक्त परंपरा में इसे शक्तिपीठों में सम्मिलित माना जाता है। मंदिर की चालुक्य-शैली की स्थापत्य कला लगभग 7वीं-8वीं शताब्दी की मानी जाती है, और देवी की मूर्ति काले पाषाण से निर्मित है, जिसके मुकुट पर शिवलिंग व शेषनाग का प्रतीक भी अंकित है — जो शक्ति व शिव के अभिन्न संबंध को दर्शाता है।
महत्व
कोल्हापुर की महालक्ष्मी को महाराष्ट्र में "करवीर निवासिनी" के नाम से भी पूजा जाता है, और यह मंदिर वर्ष में दो बार होने वाले "किरणोत्सव" के लिए प्रसिद्ध है, जब सूर्यास्त की किरणें सीधे देवी की मूर्ति पर पड़ती हैं।
निकटतम रेलवे स्टेशन
कोल्हापुर (छत्रपति शाहू महाराज टर्मिनस) रेलवे स्टेशन (लगभग 2.4 किमी)
निकटतम हवाई अड्डा
छत्रपति राजाराम महाराज हवाई अड्डा, कोल्हापुर (लगभग 8-10 किमी)
दर्शन समय
प्रातः 5:00 बजे से रात्रि 10:30 बजे तक।
सर्वोत्तम समय
अक्टूबर से मार्च; किरणोत्सव (जनवरी व नवंबर के आसपास) विशेष रूप से देखने योग्य है।
कैसे पहुँचें
कोल्हापुर स्टेशन मुंबई, पुणे, बेंगलुरु व हैदराबाद से सीधे ट्रेनों द्वारा जुड़ा है; स्टेशन से मंदिर तक ऑटो व टैक्सी द्वारा कुछ ही मिनटों में पहुँचा जा सकता है।
नोट: यात्रा से पहले दर्शन समय व परिवहन जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से अवश्य करें, क्योंकि ये समय-समय पर बदल सकते हैं।