ज्योतिर्लिंग
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग
पुणे जिला, सह्याद्रि पर्वत, महाराष्ट्र
घने जंगलों के बीच बसा, जहाँ से भीमा नदी का उद्गम होता है
एक नज़र में
- स्थान
- पुणे जिला, सह्याद्रि पर्वत, महाराष्ट्र
- आराध्य
- भगवान शिव
- श्रेणी
- ज्योतिर्लिंग
- परंपरा
- शैव
- निकटतम रेलवे स्टेशन
- पुणे जंक्शन (लगभग 110 किमी, सबसे अच्छी कनेक्टिविटी); करजत रेलवे स्टेशन (लगभग 70 किमी, सीमित ट्रेनें)
- निकटतम हवाई अड्डा
- पुणे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 125 किमी)
- घूमने का सर्वोत्तम समय
- जुलाई से सितंबर हरियाली के लिए सुंदर है, किंतु दर्शन हेतु अक्टूबर से फरवरी अधिक सुविधाजनक रहता है।
इतिहास
भीमाशंकर मंदिर पुणे से लगभग 110 किमी दूर सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला के घने जंगलों में स्थित है। कथा के अनुसार शिव ने यहाँ राक्षस त्रिपुरासुर (या भीमासुर) का वध किया था, और युद्ध के पश्चात् उनके शरीर से उत्पन्न पसीने की धारा ने भीमा नदी को जन्म दिया, जो आगे चलकर कृष्णा नदी में मिलती है। मंदिर की वास्तुकला नागर शैली में है और गर्भगृह अपेक्षाकृत प्राचीन है जबकि सभामंडप बाद के काल में जोड़ा गया।
धार्मिक महत्व
मंदिर भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य के भीतर स्थित है, जो शेकरू (विशाल भारतीय गिलहरी, महाराष्ट्र का राज्य पशु) के लिए प्रसिद्ध है — जिससे यह तीर्थ प्रकृति-प्रेमियों और तीर्थयात्रियों दोनों को आकर्षित करता है।
यात्रा की योजना
दर्शन समय
प्रातः 4:30 बजे से रात्रि 9:30 बजे तक।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय बदल जाता है। निकलने से पहले मंदिर के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।
पुणे से भीमाशंकर तक राज्य परिवहन बसें व निजी टैक्सियाँ नियमित रूप से चलती हैं, यात्रा में लगभग 3-4 घंटे लगते हैं। मार्ग घाटियों से होकर गुजरता है, अतः बरसात में सावधानी आवश्यक है।
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