मंदिर सूची

    प्रसिद्ध मंदिर

    श्री तुळजा भवानी मंदिर

    छत्रपति शिवाजी महाराज की कुलदेवी — महाराष्ट्र के साढ़े तीन शक्तिपीठों में से एक

    तुळजापुर, धाराशिव (उस्मानाबाद) जिला, महाराष्ट्र

    इतिहास

    तुळजापुर की भवानी माता को छत्रपति शिवाजी महाराज की कुलदेवी माना जाता है, और किंवदंती है कि माता ने स्वयं उन्हें आशीर्वाद स्वरूप एक दिव्य तलवार ("भवानी तलवार") प्रदान की थी। मंदिर बालाघाट पहाड़ियों पर स्थित है और महाराष्ट्र के "साढ़े तीन शक्तिपीठों" (कोल्हापुर महालक्ष्मी, तुळजापुर भवानी, माहूर रेणुका व वणी सप्तश्रृंगी का आधा भाग) में गिना जाता है।

    महत्व

    नवरात्रि के दौरान तुळजापुर में लाखों श्रद्धालु एकत्रित होते हैं, और मंदिर महाराष्ट्र की कुलदेवी परंपरा में सर्वाधिक श्रद्धेय स्थलों में गिना जाता है।

    निकटतम रेलवे स्टेशन

    तुळजापुर रेलवे स्टेशन (लगभग 3-3.2 किमी); सोलापुर रेलवे स्टेशन (लगभग 45 किमी, अधिक ट्रेनें)

    निकटतम हवाई अड्डा

    उस्मानाबाद हवाई पट्टी (सीमित सेवाएँ); शिरडी या हैदराबाद हवाई अड्डा (अधिक विकल्पों हेतु, लगभग 250 किमी)

    दर्शन समय

    प्रातः 5:00 बजे से रात्रि 11:00 बजे तक (नवरात्रि में विस्तारित समय)।

    सर्वोत्तम समय

    अक्टूबर से फरवरी; शारदीय नवरात्रि (सितंबर-अक्टूबर) मुख्य वार्षिक उत्सव है।

    कैसे पहुँचें

    सोलापुर स्टेशन से टैक्सी व बस द्वारा लगभग 1-1.5 घंटे में तुळजापुर पहुँचा जा सकता है; तुळजापुर का अपना छोटा रेलवे स्टेशन भी है।

    नोट: यात्रा से पहले दर्शन समय व परिवहन जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से अवश्य करें, क्योंकि ये समय-समय पर बदल सकते हैं।

    FAQ

    यह महाराष्ट्र में कोल्हापुर महालक्ष्मी, तुळजापुर भवानी व माहूर रेणुका — इन तीन पूर्ण शक्तिपीठों तथा वणी की सप्तश्रृंगी देवी (आधा पीठ माना जाने वाला) को मिलाकर बनी एक क्षेत्रीय परंपरा है।