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    कार्तिक मास 2026: नियम, दीपदान, तुलसी पूजा और क्या करें

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    कार्तिक मास 2026 में क्या करें? दीपदान, तुलसी पूजा, नदी स्नान, दान और सात्विक आहार के नियम। इस माह के प्रमुख पर्व और कार्तिक पूर्णिमा तक की सूची।

    कार्तिक मास हिंदू वर्ष के सबसे पवित्र महीनों में गिना जाता है। पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार यह शरद पूर्णिमा के बाद शुरू होता है और कार्तिक पूर्णिमा पर समाप्त होता है। 2026 में कार्तिक पूर्णिमा 24 नवंबर को है, इसलिए यह मास अक्टूबर के आख़िर से 24 नवंबर तक चलता है।

    **मुख्य बातें** - इस मास में दीपदान, तुलसी पूजा, नदी स्नान और दान की परंपरा है - भगवान विष्णु (दामोदर रूप) की उपासना इस माह में विशेष मानी जाती है - दीपावली, छठ, देवउठनी एकादशी और देव दीपावली इसी मास में आते हैं - ये सब परंपराएँ हैं, जिन्हें अपनी सामर्थ्य और स्वास्थ्य के अनुसार अपनाएँ

    कार्तिक मास में क्या करने की परंपरा है?

    ### दीपदान पूरे मास में शाम को तुलसी के पास, मंदिर में या नदी किनारे दीपक जलाने की परंपरा है। इसे दीपदान कहते हैं। दीपक का अर्थ और जलाने का सही तरीका जानने के लिए पढ़ें दीपक जलाने का महत्व।

    ### तुलसी पूजा रोज़ सुबह तुलसी में जल चढ़ाना और शाम को उसके पास घी का दीपक जलाना इस माह में विशेष माना जाता है। रविवार और एकादशी को तुलसी में जल न देने की परंपरा है। तुलसी के बारे में विस्तार से तुलसी का महत्व और घर में तुलसी में पढ़ें। इस मास का समापन देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह से होता है।

    ### नदी स्नान और दान सुबह जल्दी गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान का महत्व बताया गया है। नदी तक जाना संभव न हो तो घर पर स्नान के जल में थोड़ा गंगाजल मिलाया जा सकता है। इस माह में अन्न, वस्त्र और दीपक का दान भी शुभ माना जाता है।

    ### सात्विक भोजन कई लोग इस पूरे मास में सात्विक आहार लेते हैं और लहसुन, प्याज़ और मांसाहार से दूर रहते हैं। कुछ लोग एक समय भोजन का नियम भी रखते हैं। यह निजी निर्णय है और स्वास्थ्य के अनुसार होना चाहिए।

    ### विष्णु उपासना कार्तिक में विष्णु जी की उपासना के लिए ॐ नमो नारायणाय का जप और विष्णु आरती का पाठ किया जा सकता है। एकादशी व्रत के नियम यहाँ पढ़ें।

    कार्तिक मास 2026 के प्रमुख पर्व

    पर्वतारीख
    करवा चौथ29 अक्टूबर
    धनतेरस6 नवंबर
    दीपावली8 नवंबर
    भाई दूज11 नवंबर
    छठ पूजा13 से 16 नवंबर
    देवउठनी एकादशी20 नवंबर (अधिकांश पंचांग)
    देव दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा24 नवंबर

    इनमें से कुछ पर्वों की तारीख पंचांगों में एक दिन आगे-पीछे छपी मिल सकती है। विस्तार से पढ़ने के लिए: करवा चौथ, दीपावली, छठ पूजा और देव दीपावली।

    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

    कार्तिक मास 2026 कब तक है?

    पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार कार्तिक मास शरद पूर्णिमा के बाद अक्टूबर के आख़िर से शुरू होकर कार्तिक पूर्णिमा, यानी 24 नवंबर 2026, तक चलता है।

    कार्तिक मास में क्या करना चाहिए?

    परंपरा में दीपदान, तुलसी पूजा, सुबह नदी स्नान, दान, सात्विक भोजन और भगवान विष्णु की उपासना की जाती है।

    दीपदान क्या है?

    कार्तिक मास में शाम को तुलसी के पास, मंदिर में या नदी किनारे दीपक जलाने की परंपरा को दीपदान कहते हैं।

    कार्तिक मास में कौन-से पर्व आते हैं?

    करवा चौथ, धनतेरस, दीपावली, भाई दूज, छठ पूजा, देवउठनी एकादशी और देव दीपावली (कार्तिक पूर्णिमा) इसी मास में आते हैं।