अर्थ
मैं नारायण को नमन करता हूँ। नारायण का एक अर्थ है, जिनका निवास जल में है। दूसरा अर्थ है, जो सब प्राणियों का आश्रय हैं। ॐ नमो नारायणाय में आठ अक्षर हैं, इसलिए इसे अष्टाक्षर कहते हैं।
परिचय
नारायण उपनिषद् में इस मंत्र की रचना बताई गई है, पहले ॐ, फिर नमः, फिर नारायणाय। दक्षिण भारत की श्रीवैष्णव परंपरा में इसे तिरुमंत्र कहते हैं और यह वहाँ के तीन रहस्य मंत्रों में पहला है। रामानुजाचार्य के बारे में एक प्रसिद्ध कथा है कि गुरु ने यह मंत्र गुप्त रखने को कहा था, पर उन्होंने तिरुकोष्टियूर के मंदिर के ऊपर चढ़कर इसे सबको सुना दिया, ताकि कोई वंचित न रहे।
जप कैसे करें
तुलसी की माला पर, विष्णु की तस्वीर के सामने तुलसी दल रखकर। शांत मन से, अक्षर साफ़ बोलते हुए।
कब जपें: सुबह का समय अच्छा है। गुरुवार और एकादशी पर विशेष।
अभी जप शुरू करें
जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।