अर्थ
गणपति बप्पा मोरया। बप्पा मराठी में पिता को कहते हैं। मोरया शब्द चिंचवड़ के संत मोरया गोसावी के नाम से आया है, जो गणेश जी के बड़े भक्त थे।
परिचय
कहते हैं किसी भक्त का नाम भगवान के नाम से जुड़ जाए, इससे बड़ा सम्मान नहीं हो सकता, और मोरया गोसावी के साथ ठीक यही हुआ। 1893 में लोकमान्य तिलक ने गणेशोत्सव को घरों से निकालकर सार्वजनिक उत्सव बनाया, और तब से यह पुकार पूरे महाराष्ट्र की पहचान बन गई। विसर्जन के दिन इसके साथ एक पंक्ति और जुड़ जाती है, "पुढच्या वर्षी लवकर या"।
जप कैसे करें
ढोल-ताशे के साथ, सबके साथ मिलकर। इसका असली रंग भीड़ में है, अकेले में नहीं।
कब जपें: गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक।
अभी जप शुरू करें
जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।