अर्थ
गणों के स्वामी गणपति को नमन। "गं" गणेश जी का बीज अक्षर है। गण शिव के सेवकों को भी कहते हैं और हर तरह के समूह को भी, और गणपति उन सबके स्वामी हैं।
परिचय
गणपति अथर्वशीर्ष में इस बीज अक्षर के बनने की विधि बताई गई है, और पूरा मंत्र भी वहीं आता है। महाराष्ट्र में घर हो या दुकान, कोई भी काम शुरू करने से पहले इसे बोलने का रिवाज़ है। नई गाड़ी, नया घर, परीक्षा, कुछ भी हो। गणेश चतुर्थी के दस दिनों में यह हर पंडाल में सुनाई देता है।
जप कैसे करें
गणेश जी को दूर्वा और मोदक चढ़ाकर माला पर जप करें। किसी काम से ठीक पहले इसे 21 बार बोलना भी आम है।
कब जपें: बुधवार, गणेश चतुर्थी, और हर नई शुरुआत पर।
अभी जप शुरू करें
जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।