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    भगवान गणेशबीज मंत्र

    ॐ गं गणपतये नमः

    Om Gam Ganapataye Namah

    108 बार जप करें

    किसी भी नए काम से पहले जपा जाने वाला गणेश मंत्र।

    प्रकार
    बीज मंत्र
    देवता
    भगवान गणेश
    जप संख्या
    108 (एक माला)
    स्रोत
    गणपति अथर्वशीर्ष

    अर्थ

    गणों के स्वामी गणपति को नमन। "गं" गणेश जी का बीज अक्षर है। गण शिव के सेवकों को भी कहते हैं और हर तरह के समूह को भी, और गणपति उन सबके स्वामी हैं।

    परिचय

    गणपति अथर्वशीर्ष में इस बीज अक्षर के बनने की विधि बताई गई है, और पूरा मंत्र भी वहीं आता है। महाराष्ट्र में घर हो या दुकान, कोई भी काम शुरू करने से पहले इसे बोलने का रिवाज़ है। नई गाड़ी, नया घर, परीक्षा, कुछ भी हो। गणेश चतुर्थी के दस दिनों में यह हर पंडाल में सुनाई देता है।

    जप कैसे करें

    गणेश जी को दूर्वा और मोदक चढ़ाकर माला पर जप करें। किसी काम से ठीक पहले इसे 21 बार बोलना भी आम है।

    कब जपें: बुधवार, गणेश चतुर्थी, और हर नई शुरुआत पर।

    अभी जप शुरू करें

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    108 बार जप करें

    लोग अक्सर पूछते हैं

    एक पुरानी कथा के अनुसार अनलासुर को निगलने के बाद गणेश जी के पेट में तेज़ जलन हुई, जो दूर्वा से शांत हुई। तभी से दूर्वा उन्हें प्रिय मानी जाती है।

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