अर्थ
बजरंगबली की जय हो। बजरंग संस्कृत के वज्रांग का बोलचाल वाला रूप है, यानी जिसके अंग वज्र जैसे कठोर हों। बली का अर्थ है बलवान।
परिचय
पुराने अखाड़ों में पहलवान कुश्ती से पहले हनुमान जी को प्रणाम करके यही बोलते हैं, और लगभग हर अखाड़े में उनकी मूर्ति कहीं न कहीं ज़रूर होती है। हनुमान जयंती की शोभायात्राओं में भी यही जयकारा सबसे ज़्यादा लगता है।
जप कैसे करें
ऊँची आवाज़ में, मिलकर। व्यायाम या कोई कठिन काम शुरू करने से पहले भी लोग इसे बोलते हैं।
कब जपें: मंगलवार और हनुमान जयंती।
अभी जप शुरू करें
जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।