अर्थ
मैं हनुमान को नमन करता हूँ। जयकारों से अलग, यह मंत्र बैठकर ध्यान से जपने के लिए है।
परिचय
हनुमान जी के ज़्यादातर नाम जोश से पुकारे जाते हैं। यह मंत्र उस शोर से अलग है। मंगलवार के व्रत में, या जब कोई 108 का संकल्प लेकर बैठता है, तो अक्सर यही चुना जाता है। जिन्हें हनुमान जी का साहस भी चाहिए और मन की स्थिरता भी, उनके लिए यह अच्छा है।
जप कैसे करें
लाल आसन पर बैठें, हनुमान जी को सिंदूर और लाल फूल चढ़ाएँ और माला पर जप करें।
कब जपें: मंगलवार की सुबह। हनुमान जयंती पर विशेष।
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जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।