अर्थ
श्रीराम के दूत हनुमान। हनुमान जी की सबसे बड़ी पहचान यही है कि वे राम के सेवक और संदेशवाहक हैं। चालीसा में भी आता है, "राम दूत अतुलित बल धामा"।
परिचय
हनुमान जी ख़ुद को कभी नायक नहीं बनाते। लंका में रावण की सभा में जब उनसे परिचय पूछा गया, तो उन्होंने अपने को राम का दास बताया। भक्त कहते हैं कि इसीलिए उन्हें यह नाम सबसे प्रिय है। सुंदरकांड का पाठ करने वाले इसे बीच-बीच में दोहराते रहते हैं।
जप कैसे करें
सुंदरकांड या चालीसा के साथ, शांत मन से माला पर।
कब जपें: मंगलवार, शनिवार, और सुंदरकांड पाठ के समय।
अभी जप शुरू करें
जप काउंटर इसी मंत्र के साथ खुलेगा और आपकी गिनती रखेगा।