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    श्री राम दूत हनुमान

    Shri Ram Dut Hanuman

    108 बार जप करें

    हनुमान को उनकी सबसे प्रिय पहचान से पुकारना।

    प्रकार
    नाम जप
    देवता
    भगवान हनुमान
    जप संख्या
    108 (एक माला)

    अर्थ

    श्रीराम के दूत हनुमान। हनुमान जी की सबसे बड़ी पहचान यही है कि वे राम के सेवक और संदेशवाहक हैं। चालीसा में भी आता है, "राम दूत अतुलित बल धामा"।

    परिचय

    हनुमान जी ख़ुद को कभी नायक नहीं बनाते। लंका में रावण की सभा में जब उनसे परिचय पूछा गया, तो उन्होंने अपने को राम का दास बताया। भक्त कहते हैं कि इसीलिए उन्हें यह नाम सबसे प्रिय है। सुंदरकांड का पाठ करने वाले इसे बीच-बीच में दोहराते रहते हैं।

    जप कैसे करें

    सुंदरकांड या चालीसा के साथ, शांत मन से माला पर।

    कब जपें: मंगलवार, शनिवार, और सुंदरकांड पाठ के समय।

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    108 बार जप करें

    लोग अक्सर पूछते हैं

    वाल्मीकि रामायण के सुंदरकांड में वे रावण की सभा में कहते हैं कि वे कोसल के राजा राम के दास हैं। उन्होंने अपनी पहचान हमेशा राम से ही जोड़ी।

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